

गुवाहाटी : असम के कृषि एवं सिंचाई मंत्री पीयूष हजारिका ने राज्य में चल रही सिंचाई परियोजनाओं और योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। समीक्षा बैठक में किसानों को उनकी जरूरत के मुताबिक समय पर सिंचाई का पानी उपलब्ध कराने तथा राज्य की सिंचाई व्यवस्था को और मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया। बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारियों और अन्य हितधारकों ने हिस्सा लिया। मंत्री ने कृषि एवं सिंचाई विभाग के बीच बेहतर तालमेल सुनिश्चित करने को कहा, ताकि सिंचाई सेवाओं का लाभ सीधे किसानों की जरूरत के अनुरूप पहुंचाया जा सके।
किसानों की जरूरत के अनुसार तय हो जल आपूर्ति
समीक्षा बैठक में इस बात पर विशेष चर्चा हुई कि सिंचाई के लिए पानी की आपूर्ति किसानों की वास्तविक जरूरत और मौजूदा मौसम की परिस्थितियों को ध्यान में रखकर निर्धारित की जानी चाहिए। अधिकारियों के मुताबिक, इससे अलग-अलग कृषि मौसम में उपलब्ध जल संसाधनों का बेहतर प्रबंधन किया जा सकेगा। मंत्री ने कहा कि सिंचाई योजनाओं का उद्देश्य केवल बुनियादी ढांचा तैयार करना नहीं, बल्कि किसानों को उस समय पानी उपलब्ध कराना है जब फसलों को उसकी सबसे अधिक जरूरत हो।
अधिक कृषि भूमि को सिंचाई के दायरे में लाने पर जोर
बैठक में राज्य की अधिक से अधिक कृषि भूमि को सिंचाई सुविधा के दायरे में लाने पर भी चर्चा हुई। इसके साथ ही मौजूदा सिंचाई ढांचे को मजबूत करने और किसानों तक पानी की पहुंच बेहतर बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया गया। असम में कृषि क्षेत्र की उत्पादकता बढ़ाने के लिए सिंचाई सुविधाओं का विस्तार महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पर्याप्त और समय पर पानी मिलने से किसानों की फसल उत्पादन क्षमता बढ़ाने के साथ कृषि क्षेत्र को अधिक स्थिर बनाने में मदद मिल सकती है।
लंबित परियोजनाएं समय पर पूरी करने का निर्देश
पीयूष हजारिका ने चल रही सिंचाई परियोजनाओं को निर्धारित समयसीमा में पूरा करने पर जोर दिया। उन्होंने राज्य के जल संसाधनों के अधिक कुशल उपयोग और बेहतर प्रबंधन की आवश्यकता भी बताई। समीक्षा का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना रहा कि सिंचाई योजनाओं का वास्तविक लाभ किसानों तक पहुंचे और योजनाएं केवल कागजों तक सीमित न रहें। समय पर परियोजनाएं पूरी होने से सिंचाई नेटवर्क का विस्तार होगा और अधिक किसान इसके दायरे में आ सकेंगे।
कृषि उत्पादकता बढ़ाने में सिंचाई की अहम भूमिका
राज्य सरकार सिंचाई सुविधाओं के विस्तार को कृषि क्षेत्र की उत्पादकता बढ़ाने से जोड़कर देख रही है। मौसम में बदलाव और वर्षा की अनिश्चितता के बीच किसानों के लिए नियंत्रित एवं समयबद्ध सिंचाई व्यवस्था का महत्व और बढ़ गया है। बैठक में अधिकारियों को उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी इस्तेमाल करने तथा विभिन्न कृषि मौसमों में किसानों की जरूरत के अनुसार जल प्रबंधन सुनिश्चित करने पर ध्यान देने को कहा गया।