बाढ़ सर्वे का दूसरा चरण 10 अक्टूबर तक पूरा करें : सरमा

बाढ़ सर्वे का दूसरा चरण 10 अक्टूबर तक पूरा करें : सरमा
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गुवाहाटी : असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने राज्य के बाढ़ प्रभावित चार जिलों में चल रहे नुकसान के त्वरित आकलन के दूसरे चरण की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को इसे 10 अक्टूबर तक पूरा करने का निर्देश दिया है। समीक्षा में शिवसागर, चराइदेव, जोरहाट और गोलाघाट जिलों में हाल की बाढ़ से हुए नुकसान तथा प्रभावित परिवारों को दी जा रही आर्थिक सहायता की स्थिति पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने मंगलवार को जोरहाट में आयोजित बैठक में चारों जिलों के जिला आयुक्तों, सह-जिला आयुक्तों और राजस्व सर्किल अधिकारियों के साथ सर्वे की प्रगति की जानकारी ली। अधिकारियों ने उन्हें अब तक किए गए नुकसान के आकलन और प्रभावित परिवारों तक पहुंचाई जा रही राहत एवं पुनर्वास सहायता के बारे में जानकारी दी।

पहले चरण का सर्वे पूरा

अधिकारियों के अनुसार, चारों जिलों में बाढ़ से हुए नुकसान और पुनर्वास सहायता के लिए सर्वे का पहला चरण पूरा हो चुका है। अब दूसरे चरण में नुकसान का विस्तृत आकलन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने इस प्रक्रिया को निर्धारित समयसीमा में पूरा करने के साथ-साथ आंकड़ों की शुद्धता और पारदर्शिता बनाए रखने पर जोर दिया। सरमा ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जहां आवश्यक हो, वहां दोबारा सत्यापन या नए सिरे से सर्वे कराया जाए, ताकि वास्तविक रूप से प्रभावित कोई परिवार सहायता से वंचित न रह जाए। साथ ही, अपात्र या बिना सत्यापन वाले नामों को लाभार्थी सूची में शामिल नहीं करने को भी कहा गया है।

आर्थिक सहायता वितरण में तेजी के निर्देश

मुख्यमंत्री ने बाढ़ प्रभावित परिवारों को दी जा रही आर्थिक सहायता की भी समीक्षा की। उन्होंने संबंधित विभागों को पात्र लाभार्थियों तक सहायता राशि जल्द पहुंचाने के लिए प्रक्रिया तेज करने का निर्देश दिया। विशेष रूप से प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के जरिए भुगतान में आने वाली तकनीकी दिक्कतों को दूर करने पर जोर दिया गया। उन्होंने अधिकारियों से बैंकों के साथ समन्वय कर आधार से जुड़े बैंक खातों में आने वाली तकनीकी समस्याओं का समाधान करने को कहा, ताकि पात्र परिवारों को राहत राशि प्राप्त करने में अनावश्यक देरी न हो।

हर पात्र परिवार तक पहुंचे सहायता

पत्रकारों से बातचीत में सरमा ने कहा कि नुकसान का आकलन सटीक और प्रभावी तरीके से किया जाना जरूरी है, क्योंकि इसी के आधार पर प्रभावित परिवारों को राहत और पुनर्वास सहायता उपलब्ध कराई जानी है। उन्होंने प्रशासन को यह सुनिश्चित करने को कहा कि सर्वे की प्रक्रिया में किसी वास्तविक लाभार्थी का नाम छूटे नहीं। मुख्यमंत्री ने सभी संबंधित विभागों और जिला प्रशासन को आपसी समन्वय के साथ काम करने का निर्देश दिया, ताकि दूसरे चरण का सर्वे 10 अक्टूबर की समयसीमा के भीतर पूरा हो और पात्र लाभार्थियों की अंतिम सूची तैयार की जा सके।

चार जिलों पर विशेष फोकस

शिवसागर, चराइदेव, जोरहाट और गोलाघाट में बाढ़ से हुए नुकसान के आकलन पर सरकार पहले से विशेष ध्यान दे रही है। अगस्त में मुख्यमंत्री ने इन चार जिलों के प्रभावित परिवारों के लिए अंतरिम आर्थिक सहायता जारी किए जाने की जानकारी दी थी और नुकसान का त्वरित आकलन जारी रहने की बात कही थी। अब दूसरे चरण की प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश के साथ सरकार का फोकस नुकसान का अंतिम आकलन, पात्र परिवारों की पहचान और राहत एवं पुनर्वास सहायता के वितरण को गति देने पर है।

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