

गुवाहाटी : असम के शिक्षा मंत्री डॉ. रानोज पेगू ने शुक्रवार को नागालैंड के चुमौकेदिमा में आयोजित दो दिवसीय Education Conclave 2026 के उद्घाटन सत्र में हिस्सा लिया। पूर्वोत्तर के आठ राज्यों में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर आयोजित इस सम्मेलन में शिक्षा मंत्रियों, नीति-निर्माताओं और अन्य विशेषज्ञों ने भाग लिया। सम्मेलन का मुख्य विषय “Implementation of NEP 2020: Vision, Challenges & Opportunities for the Northeastern States” रहा। चर्चा में पूर्वोत्तर के राज्यों में NEP 2020 लागू करने के दौरान आने वाली चुनौतियों, क्षेत्र विशेष की जरूरतों और संभावित रणनीतियों पर विचार किया जा रहा है। सम्मेलन 18 और 19 सितंबर को चुमौकेदिमा के जेपी पार्क एंड बैंक्वेट्स में आयोजित हो रहा है।
मातृभाषा में शिक्षा पर जोर
उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए रानोज पेगू ने पूर्वोत्तर की सामाजिक और भाषाई विविधता के संदर्भ में NEP 2020 के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में बड़ी संख्या में जनजातीय समुदाय रहते हैं और यहां विभिन्न भाषाओं एवं भाषाई परंपराओं की समृद्ध विरासत है। पेगू के अनुसार, NEP 2020 में मातृभाषा में शिक्षा पर दिया गया जोर विद्यार्थियों के सीखने के परिणामों को बेहतर बनाने के साथ-साथ पूर्वोत्तर की भाषाई पहचान को संरक्षित और विकसित करने का अवसर प्रदान करता है।
आठ राज्यों के लिए साझा रणनीति पर चर्चा
नागालैंड में आयोजित यह सम्मेलन पूर्वोत्तर के लिए NEP 2020 के क्रियान्वयन से जुड़ी चुनौतियों पर सामूहिक चर्चा का मंच है। सम्मेलन में स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा और तकनीकी शिक्षा के साथ नवाचार, तकनीक और कौशल विकास से जुड़े विषयों को भी चर्चा में शामिल किया गया है। नागालैंड के उच्च शिक्षा एवं पर्यटन मंत्री तेमजेन इम्ना अलोंग ने सम्मेलन के लिए मंच उपलब्ध कराने और क्षेत्रीय स्तर पर साझा कार्ययोजना तैयार करने की दिशा में पहल की है। सम्मेलन के परिणामों के आधार पर पूर्वोत्तर के राज्यों की साझा जरूरतों और चुनौतियों को केंद्र के समक्ष रखने की भी योजना है।
पूर्वोत्तर की भाषाई विविधता पर चर्चा
पेगू ने कहा कि शिक्षा नीति के क्रियान्वयन में पूर्वोत्तर की विशिष्ट सामाजिक, सांस्कृतिक और भाषाई परिस्थितियों को ध्यान में रखना जरूरी है। उन्होंने नागालैंड के उच्च शिक्षा मंत्री तेमजेन इम्ना अलोंग को असम का दृष्टिकोण साझा करने के लिए मंच उपलब्ध कराने पर धन्यवाद दिया। उद्घाटन सत्र में मिजोरम के शिक्षा मंत्री डॉ. वानलालथलाना, त्रिपुरा के शिक्षा मंत्री किशोर बर्मन और अरुणाचल प्रदेश के विधायक एवं उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री के सलाहकार मुटचू मिथी सहित कई प्रतिनिधि मौजूद रहे। सम्मेलन का उद्देश्य NEP 2020 को पूर्वोत्तर की परिस्थितियों के अनुरूप प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए साझा समझ विकसित करना और राज्यों के बीच समन्वय बढ़ाना है।