CM हिमंत ने दूध उत्पादन बढ़ाने और सहकारी समितियों के विस्तार पर दिया जोर

असम में डेयरी क्षेत्र की समीक्षा की
CM हिमंत ने दूध उत्पादन बढ़ाने और सहकारी समितियों के विस्तार पर दिया जोर
Published on

गुवाहाटी : असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्वा सरमा ने सोमवार को राज्य के डेयरी क्षेत्र की समीक्षा की और अधिकारियों को दूध उत्पादन बढ़ाने, डेयरी सहकारी समितियों का नेटवर्क विस्तारित करने तथा दूध प्रसंस्करण क्षमता बढ़ाने के लिए लक्षित कदम उठाने का निर्देश दिया। बैठक में मुख्यमंत्री ने राज्य में दूध उत्पादन और मांग, जिलेवार उपलब्धता तथा डेयरी सहकारी समितियों (DCS) की स्थिति की समीक्षा की। अधिकारियों ने 5 रुपये की सब्सिडी योजना, सहकारी समितियों के पंजीकरण और लाभार्थियों की कवरेज से जुड़े अंतराल की भी जानकारी दी। अधिकारियों के अनुसार, असम में वर्तमान में प्रतिदिन 33.53 लाख लीटर दूध का उत्पादन हो रहा है, जबकि वार्षिक उत्पादन 12,240 लाख लीटर है। राज्य में कुल 2,006 संगठित डेयरी सहकारी समितियां हैं, जिनमें से 1,032 पंजीकृत हैं। मौजूदा दूध प्रसंस्करण क्षमता 4.95 लाख लीटर प्रतिदिन है और अतिरिक्त 4.20 लाख लीटर प्रतिदिन क्षमता विकसित की जा रही है। नई प्रसंस्करण सुविधाएं बजाली, जोरहाट के कालीपानी, डिब्रूगढ़ के लाहोवाल, धेमाजी के रंगाजन गांव, सोनितपुर के जामुगुरीहाट और कामरूप के रानी में प्रस्तावित हैं। मुख्यमंत्री ने पशुपालन एवं पशु चिकित्सा विभाग, सहकारिता विभाग, दूध प्रसंस्करण इकाइयों और डेयरी किसानों को शामिल कर एक दिवसीय विचार-मंथन सत्र आयोजित करने का निर्देश दिया। इसमें सब्सिडी में सुधार, अधिक दूध उत्पादन वाले क्षेत्रों की पहचान, पारंपरिक डेयरी क्षेत्रों, दूध संग्रहण और प्रसंस्करण के लिए हब-एंड-स्पोक मॉडल, बुनियादी ढांचे की कमियों और हर गांव में डेयरी सहकारी समिति स्थापित करने जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी। सरमा ने डेयरी विकास निदेशालय में खाली पदों को सीधी भर्ती और पदोन्नति के जरिए तत्काल भरने का भी निर्देश दिया। उन्होंने बेहतर योजना और लक्षित हस्तक्षेप के लिए व्यापक पशुधन सर्वेक्षण कराने को कहा। बैठक में लखीमी नस्ल के संरक्षण और संवर्धन पर भी विशेष जोर दिया गया। मुख्यमंत्री ने महिलाओं के नेतृत्व वाली डेयरी सहकारी समितियों के माध्यम से इस नस्ल को बढ़ावा देने और डेयरी क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने का निर्देश दिया। बैठक में पशुपालन एवं पशु चिकित्सा और मत्स्य पालन मंत्री नीलिमा देवी, मुख्य सचिव डॉ. रवि कोटा, अतिरिक्त मुख्य सचिव केसी समरिया, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. केके द्विवेदी और डेयरी विकास निदेशालय के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

Google पर सन्मार्ग न्यूज़ पडे →
logo
Sanmarg Hindi daily
sanmarg.in