असम को निवेश का नया केंद्र बनाने की तैयारी, ग्लोबल बिजनेस को सरमा का न्योता

असम को निवेश का नया केंद्र बनाने की तैयारी, ग्लोबल बिजनेस को सरमा का न्योता
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गुवाहाटी । असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने शुक्रवार को वैश्विक कारोबारी समुदाय को राज्य में निवेश के अवसर तलाशने के लिए आमंत्रित किया। नयी दिल्ली में आयोजित ICC ग्लोबल बिजनेस समिट 2026 के दूसरे संस्करण को संबोधित करते हुए उन्होंने असम की रणनीतिक भौगोलिक स्थिति, बेहतर कनेक्टिविटी, विकसित हो रहे इंफ्रास्ट्रक्चर, युवा एवं कुशल मानव संसाधन और निवेश-अनुकूल संस्थागत व्यवस्था को राज्य की प्रमुख ताकत बताया। यह सम्मेलन 18-19 सितंबर को नयी दिल्ली के ताज पैलेस में आयोजित हो रहा है। सरमा ने कहा कि वैश्विक अर्थव्यवस्था और तकनीक में तेजी से हो रहे बदलाव भारत के लिए उत्पादन में विविधता लाने, सप्लाई चेन को मजबूत करने और वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं से जुड़ाव बढ़ाने का अवसर हैं। उन्होंने कहा कि भारत की अगली विकास यात्रा में पूर्वी और पूर्वोत्तर राज्यों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।

ASEAN के लिए गेटवे बनना चाहता है असम

मुख्यमंत्री ने कहा कि असम दक्षिण एशिया, दक्षिण-पूर्व एशिया और पूर्वी एशिया के चौराहे पर स्थित है। राज्य की भूटान और बांग्लादेश के साथ अंतरराष्ट्रीय सीमाएं हैं और इसकी भौगोलिक स्थिति इसे ASEAN क्षेत्र के लिए संभावित प्रवेश द्वार बनाती है।

सरमा ने कहा कि बेहतर कनेक्टिविटी और इंफ्रास्ट्रक्चर के चलते असम की भौगोलिक स्थिति अब आर्थिक गतिविधियों के लिए महत्वपूर्ण आधार बन रही है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों से बेहतर जुड़ाव के कारण राज्य कनेक्टिविटी, उद्यम और अवसरों के केंद्र के रूप में उभर रहा है।

7.45 लाख करोड़ रुपये पहुंच सकता है GSDP

राज्य की अर्थव्यवस्था का उल्लेख करते हुए सरमा ने कहा कि 2025-26 में असम का नाममात्र GSDP 7.45 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है और 2026-27 में इसके बढ़कर 8.71 लाख करोड़ रुपये पहुंचने का अनुमान है। उन्होंने कहा कि 2025-26 में मौजूदा कीमतों पर राज्य के GSDP में औद्योगिक क्षेत्र की हिस्सेदारी करीब 35.64 प्रतिशत रहने का अनुमान है। मुख्यमंत्री के अनुसार, ये आंकड़े राज्य में आर्थिक आधार के विस्तार और निवेश तथा रोजगार के नए अवसरों की ओर संकेत करते हैं।

कनेक्टिविटी पर जोर, लॉजिस्टिक्स नेटवर्क का विस्तार

सरमा ने कहा कि कनेक्टिविटी असम की विकास रणनीति का प्रमुख हिस्सा है। राज्य सड़क, रेलवे, अंतर्देशीय जलमार्ग, विमानन और लॉजिस्टिक्स को जोड़कर मल्टीमॉडल परिवहन नेटवर्क विकसित कर रहा है। उन्होंने जोगीघोपा मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क, पांडु और धुबरी टर्मिनलों के विस्तार तथा ब्रह्मपुत्र को आर्थिक जलमार्ग के रूप में विकसित करने का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि राज्य में सात हवाई अड्डे चालू हैं और आगे भी विमानन बुनियादी ढांचे का विस्तार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ये परियोजनाएं परिवहन लागत और समय को कम करने के साथ विनिर्माण, लॉजिस्टिक्स, पर्यटन, सेवाओं और क्षेत्रीय व्यापार के लिए नए अवसर पैदा कर रही हैं।

5.18 लाख करोड़ के निवेश प्रस्तावों का दावा

सरमा ने कहा कि असम सरकार का लक्ष्य केवल निवेश प्रस्ताव हासिल करना नहीं, बल्कि उन्हें वास्तविक परियोजनाओं में बदलना है। उन्होंने ‘एडवांटेज असम 2.0—इंफ्रास्ट्रक्चर एंड इन्वेस्टमेंट समिट’ का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य को 5.18 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले थे। मुख्यमंत्री के अनुसार, इनमें से करीब 3.5 लाख करोड़ रुपये की परियोजनाएं एक साल के भीतर निवेश में बदल गईं, जबकि कुछ परियोजनाओं पर काम भी शुरू हो चुका है। उन्होंने कहा कि मई 2021 से असम में 3,700 से अधिक नई फैक्ट्रियां पंजीकृत हुई हैं, जिनमें करीब 1.11 लाख फैक्ट्री कर्मचारी कार्यरत हैं।

सेमीकंडक्टर और एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग पर फोकस

मुख्यमंत्री ने एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग को असम के औद्योगिक बदलाव का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया। उन्होंने टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स की सेमीकंडक्टर असेंबली और टेस्टिंग सुविधा का उल्लेख किया और कहा कि इसके आसपास पैकेजिंग व टेस्टिंग उपकरण, प्रिसिजन कंपोनेंट, औद्योगिक गैस, क्लीन-रूम सेवाओं, लॉजिस्टिक्स और इंजीनियरिंग सेवाओं का इकोसिस्टम विकसित करने की संभावनाएं हैं। उन्होंने तेल, गैस और पेट्रोकेमिकल क्षेत्र में असम की मौजूदा क्षमता के आधार पर डाउनस्ट्रीम उद्योगों में भी निवेश के अवसरों का उल्लेख किया। इनमें फैब्रिकेशन, औद्योगिक उपकरण, स्पेशलिटी केमिकल्स, पेट्रोकेमिकल डेरिवेटिव्स और लो-कार्बन मैन्युफैक्चरिंग शामिल हैं।

2030 तक 6,000 MW नवीकरणीय ऊर्जा का लक्ष्य

सरमा ने कहा कि असम ऊर्जा संक्रमण की दिशा में भी काम कर रहा है और राज्य ने 2030 तक 6,000 मेगावाट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता का लक्ष्य रखा है। उन्होंने ग्रीन हाइड्रोजन और बांस आधारित सेकंड-जेनरेशन इथेनॉल में संभावनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे रिन्यूएबल पावर, ऊर्जा भंडारण, बायोएनर्जी, ऊर्जा दक्षता और संबंधित विनिर्माण क्षेत्रों में निवेश के अवसर बढ़ सकते हैं।

युवा आबादी को बताया बड़ा मानव संसाधन

मुख्यमंत्री ने असम की युवा आबादी को राज्य की प्रमुख ताकतों में शामिल किया। उन्होंने कहा कि राज्य की औसत आयु करीब 22 वर्ष है और सरकार तकनीक, इंजीनियरिंग, प्रबंधन तथा व्यावसायिक प्रशिक्षण के माध्यम से कौशल विकास पर जोर दे रही है। उन्होंने IIT गुवाहाटी, NIT सिलचर और असम स्किल यूनिवर्सिटी समेत राज्य के तकनीकी संस्थानों का उल्लेख किया। उन्होंने युवाओं को अंतरराष्ट्रीय रोजगार के अवसरों के लिए तैयार करने में विदेशी भाषाओं के प्रशिक्षण को भी महत्वपूर्ण बताया।

हेल्थकेयर और पर्यटन में भी निवेश की संभावनाएं

सरमा ने हेल्थकेयर को उभरते क्षेत्रों में शामिल करते हुए डायग्नोस्टिक्स, मेडिकल डिवाइस, टेलीमेडिसिन, नर्सिंग, पैरामेडिकल प्रशिक्षण और मेडिकल टूरिज्म में अवसरों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि AIIMS गुवाहाटी और राज्य में विकसित हो रहा स्वास्थ्य ढांचा गुवाहाटी को क्षेत्रीय हेल्थकेयर हब के रूप में विकसित करने में मदद कर सकता है। पर्यटन क्षेत्र में उन्होंने असम की प्राकृतिक और सांस्कृतिक संपदा को निवेश की संभावनाओं से जोड़ा। उन्होंने राज्य के UNESCO विश्व धरोहर स्थलों, राष्ट्रीय उद्यानों, ब्रह्मपुत्र नदी और करीब 800 चाय बागानों का उल्लेख करते हुए होटल, रिसॉर्ट, वेलनेस, कन्वेंशन सेंटर और रिवर टूरिज्म में अवसरों की बात कही।

चाय और कृषि उत्पादों के लिए वैश्विक बाजार पर जोर

मुख्यमंत्री ने कृषि और चाय क्षेत्र में वैल्यू एडिशन, प्रोसेसिंग, पैकेजिंग, ट्रेसेबिलिटी, ब्रांडिंग और निर्यात को बढ़ाने की जरूरत बताई। उन्होंने असम से जापान को माचा चाय की खेप भेजे जाने का भी उल्लेख किया और कहा कि राज्य के उत्पादों के लिए नए अंतरराष्ट्रीय बाजार तैयार करने की कोशिश की जा रही है।

‘टीम असम 24 घंटे निवेशकों के लिए उपलब्ध’

निवेशकों को राज्य में आने का न्योता देते हुए सरमा ने प्रशासन की ओर से त्वरित सहयोग का भरोसा दिया। उन्होंने कहा कि सरकार निवेशकों की समस्याओं के समाधान और परियोजनाओं को जमीन पर उतारने के लिए लगातार काम करेगी। उन्होंने कहा कि असम का लक्ष्य ऐसा प्लेटफॉर्म बनना है, जिसके जरिए पूर्वोत्तर भारत से अधिक गहराई से जुड़े और भारत का ASEAN क्षेत्र के साथ आर्थिक जुड़ाव मजबूत हो। मुख्यमंत्री ने कारोबारी समुदाय से सरकार, उद्योग, विश्वविद्यालयों, शोध संस्थानों और उद्यमियों के बीच साझेदारी मजबूत करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि इस तरह की साझेदारी से निवेश केवल अलग-अलग परियोजनाओं तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सप्लाई चेन, कौशल विकास, स्थानीय क्षमता, रोजगार और नवाचार का व्यापक इकोसिस्टम तैयार हो सकता है।

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