

गुवाहाटी : असम के दक्षिण सालमारा-मानकाचर जिले में भारत की सीमा में कथित रूप से गैर-कानूनी तरीके से प्रवेश करने की कोशिश कर रहे 11 विदेशी नागरिकों को सुरक्षा एजेंसियों ने सीमा में दाखिल होने से रोक दिया। असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने मंगलवार रात सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए यह जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने अपने पोस्ट में हल्के-फुल्के अंदाज में लिखा, “जॉनी जॉनी? यस पापा। स्नीकिंग इन? नो पापा।” इसके बाद उन्होंने कहा कि दक्षिण सालमारा में भारत की सीमा में गैर-कानूनी तरीके से प्रवेश करने की कोशिश कर रहे 11 लोगों की तत्काल पहचान कर ली गई और उन्हें भारतीय सीमा में दाखिल होने से रोक दिया गया। हालांकि, मुख्यमंत्री ने इन लोगों की राष्ट्रीयता, वे किस देश से भारत में प्रवेश करने की कोशिश कर रहे थे या उनकी पहचान से जुड़ी अन्य जानकारी साझा नहीं की। उन्होंने कहा कि असम सीमा की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह सतर्क है और अवैध घुसपैठ की कोशिशों को हर बार रोका जाएगा। मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार और सुरक्षा एजेंसियां अवैध घुसपैठ को लेकर लगातार सतर्क हैं। उन्होंने स्पष्ट संदेश देते हुए कहा, “असम सतर्क है। अवैध घुसपैठ को हर दिन, हर बार रोका जाएगा।” ताजा घटना ऐसे समय सामने आई है, जब भारत-बांग्लादेश सीमा से लगे असम के जिलों में सुरक्षा एजेंसियां सीमा पार से होने वाली आवाजाही पर विशेष निगरानी रख रही हैं।
असम के चार जिलों से लगती है बांग्लादेश सीमा
असम के श्रीभूमि, कछार, धुबरी और दक्षिण सालमारा-मानकाचर जिलों की बांग्लादेश के साथ कुल 267.5 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा लगती है। भौगोलिक परिस्थितियों और नदी-आधारित सीमावर्ती क्षेत्रों के कारण इस इलाके में सीमा सुरक्षा एक महत्वपूर्ण चुनौती बनी हुई है। श्रीभूमि जिले के सूत्रकांडी में एकीकृत जांच चौकी (ICP) मौजूद है। पूर्वोत्तर भारत में भारत-बांग्लादेश सीमा के पास कुल तीन एकीकृत जांच चौकियां हैं। इनमें असम के सूत्रकांडी के अलावा मेघालय का डावकी और त्रिपुरा का अखौरा शामिल है। इसके अलावा भारत-भूटान सीमा पर असम के दरांग में भी एक एकीकृत जांच चौकी है। ये चौकियां वैध सीमा पार आवाजाही, व्यापार और यात्रियों की जांच के लिहाज से महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। बांग्लादेश में वर्ष 2024 में राजनीतिक उथल-पुथल के बाद भारत-बांग्लादेश सीमा पर सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। असम पुलिस पहले ही स्पष्ट कर चुकी है कि राज्य पुलिस और सीमा सुरक्षा बल (BSF) कानून के तहत गैर-भारतीय नागरिकों को अवैध रूप से भारत में प्रवेश करने से रोकने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे। सुरक्षा एजेंसियों की ओर से सीमा क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने के साथ-साथ संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। दक्षिण सालमारा-मानकाचर में 11 विदेशी नागरिकों को भारतीय सीमा में प्रवेश करने से रोका जाना इसी सतर्कता का हिस्सा माना जा रहा है।
भारतीय नागरिकों की वैध वापसी की अनुमति
हालांकि, भारत-बांग्लादेश सीमा पर वैध आवाजाही के लिए निर्धारित नियमों के तहत भारतीय पासपोर्ट रखने वाले नागरिकों को बांग्लादेश से भारत लौटने की अनुमति दी जा रही है। ऐसे नागरिक राज्य में निर्धारित प्रवेश बिंदुओं के जरिए भारत में प्रवेश कर सकते हैं। ताजा घटना के बाद एक बार फिर असम-बांग्लादेश सीमा पर निगरानी और अवैध घुसपैठ रोकने की व्यवस्था चर्चा में है। राज्य सरकार का कहना है कि सीमा सुरक्षा से जुड़े मामलों में सुरक्षा एजेंसियां लगातार सतर्क रहेंगी और अवैध प्रवेश के किसी भी प्रयास को सफल नहीं होने दिया जाएगा।