

ईटानगर : अरुणाचल प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था से जुड़ी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे ऑल न्यिशी स्टूडेंट्स यूनियन (ANSU) ने सरकार के साथ शनिवार को हुई बैठक के बाद 28 सितंबर से प्रस्तावित 48 घंटे का बंद वापस ले लिया है। मुख्यमंत्री पेमा खांडू की अध्यक्षता में हुई बैठक में सरकार ने छात्र संगठन की कई मांगों पर कार्रवाई का भरोसा दिया। इसके बाद ANSU ने प्रस्तावित बंद वापस लेने का फैसला किया। मुख्यमंत्री कार्यालय में हुई बैठक में ANSU के प्रतिनिधियों के अलावा न्यिशी समुदाय के विधायक, न्यिशी एलीट सोसाइटी के सदस्य तथा शिक्षा, गृह और स्वास्थ्य विभाग से जुड़े मंत्री एवं अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में राज्य के सरकारी स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं की कमी, शिक्षकों की उपलब्धता, उच्च शिक्षा संस्थानों की स्थिति और छात्रों के लिए बेहतर शैक्षणिक अवसरों से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई।
56 सरकारी स्कूलों के लिए बुनियादी ढांचा
ANSU ने न्यिशी बहुल सात जिलों में चिन्हित 56 सरकारी स्कूलों की स्थिति सुधारने की मांग प्रमुखता से उठाई थी। बैठक में सरकार ने इन स्कूलों के लिए वित्तीय सहायता और बुनियादी ढांचे के विकास पर कार्रवाई का आश्वासन दिया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इन 56 स्कूलों में से 28 को पहले ही उन्नयन की सरकारी योजनाओं में शामिल किया जा चुका है, जबकि शेष स्कूलों को अगले वित्तीय वर्ष में चरणबद्ध तरीके से लिया जाएगा। ANSU का कहना है कि कई स्कूलों में भवन, बिजली, पानी और अन्य जरूरी सुविधाओं की कमी है। संगठन ने इन कमियों को दूर करने के साथ शिक्षकों की उपलब्धता और छात्रों के लिए बेहतर सीखने का माहौल सुनिश्चित करने की मांग की थी।
टोरू इंजीनियरिंग कॉलेज फिर होगा शुरू
बैठक में टोरू स्थित सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। सरकार ने कॉलेज को दोबारा संचालित करने की दिशा में कदम उठाने की बात कही है। ANSU के अनुसार, कॉलेज को 2027-28 के शैक्षणिक सत्र से शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए 34 शिक्षण और गैर-शिक्षण पदों पर भर्ती की प्रक्रिया शुरू करने तथा अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (AICTE) से आवश्यक मंजूरी लेने की कार्रवाई की जाएगी। कॉलेज में पानी और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाएं विकसित करने के लिए भी संबंधित विभागों को प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
याचुली कॉलेज में बीएड कोर्स
बैठक में नेलम तारम याचुली सरकारी कॉलेज में बीएड पाठ्यक्रम शुरू करने की मांग पर भी चर्चा हुई। सरकार ने बताया कि कॉलेज में बीएड कार्यक्रम शुरू करने की अधिसूचना पहले ही जारी की जा चुकी है। इससे क्षेत्र के छात्रों को शिक्षक प्रशिक्षण की सुविधा स्थानीय स्तर पर उपलब्ध होने की उम्मीद है।
पाक्के-केसांग में विशेष जरूरत वाले बच्चों के लिए स्कूल
ANSU ने पाक्के-केसांग जिले में विशेष जरूरत वाले बच्चों के लिए स्कूल स्थापित करने की मांग भी उठाई थी। सरकार ने इस मांग पर सैद्धांतिक रूप से सहमति जताई है। हालांकि, इसके लिए वित्तीय उपलब्धता और पहले से स्वीकृत सिजी स्कूल की स्थिति का आकलन किया जाएगा। अतिरिक्त बजट उपलब्ध होने पर इस प्रस्ताव को आगे बढ़ाने की बात कही गई है।
500 करोड़ रुपये के उपयोग की जांच का मुद्दा
ANSU ने ‘मिशन शिक्षित अरुणाचल’ के तहत करीब 500 करोड़ रुपये के इस्तेमाल को लेकर भी सवाल उठाए थे। संगठन ने इस राशि के उपयोग की जांच की मांग की। बैठक के बाद सरकार ने इस मामले को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) के समक्ष भेजने का फैसला किया है। शिक्षा विभाग को इस कार्यक्रम की मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) को अंतिम रूप देकर अगली कैबिनेट बैठक में रखने का निर्देश भी दिया गया है।
24 सितंबर को हुआ था 12 घंटे का बंद
शिक्षा से जुड़ी मांगों पर कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाते हुए ANSU ने 24 सितंबर को ईटानगर कैपिटल रीजन में 12 घंटे का बंद किया था। इसके बाद संगठन ने मांगें पूरी नहीं होने की स्थिति में 28 सितंबर से सात न्यिशी बहुल जिलों में 48 घंटे के बंद की घोषणा की थी। मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने बैठक के बाद कहा कि शिक्षा सामूहिक जिम्मेदारी है और सरकार छात्र संगठन के साथ मिलकर स्कूलों तथा अन्य शिक्षण संस्थानों को बेहतर बनाने के लिए काम करेगी। उन्होंने जमीनी स्तर की समस्याओं को सरकार के सामने लाने और रचनात्मक संवाद के लिए ANSU की सराहना भी की। इस बैठक के बाद प्रस्तावित बंद वापस लिए जाने से सरकार और छात्र संगठन के बीच शिक्षा से जुड़े मुद्दों को बातचीत और प्रशासनिक कार्रवाई के जरिए आगे बढ़ाने का रास्ता खुला है।