

ईटानगर : अरुणाचल प्रदेश विधानसभा ने मंगलवार को दिवंगत पूर्व विधायक तालोंग ताग्गू को श्रद्धांजलि अर्पित की। ताग्गू का लंबी बीमारी के बाद 19 मार्च 2026 को आलो स्थित उनके आवास पर निधन हो गया था। विधानसभा अध्यक्ष तेसाम पोंगटे ने शोक प्रस्ताव पेश करते हुए उन्हें नेकदिल और समर्पित जनप्रतिनिधि बताया। पोंगटे ने कहा कि अरुणाचल प्रदेश के शुरुआती लोकतांत्रिक और प्रशासनिक विकास में ताग्गू के योगदान को हमेशा याद किया जाएगा। उनके निधन से राज्य ने एक महत्वपूर्ण नेता खो दिया है। विधानसभा में मौजूद कई मंत्रियों और विधायकों ने भी दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि दी और उन्हें समर्पित समाजसेवी तथा सुधारक बताया। सदस्यों ने कहा कि ताग्गू ने चुनावी राजनीति की सीमाओं से आगे बढ़कर समाज और क्षेत्र के विकास के लिए काम किया। विधानसभा ने उनके सम्मान में दो मिनट का मौन रखा और शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की।
असम राइफल्स से सार्वजनिक जीवन तक का सफर
तालोंग ताग्गू का जन्म मोलोंग गांव में हुआ था। उन्होंने वर्ष 1969 में अलोंग उत्तर जिला परिषद के उपाध्यक्ष के रूप में सार्वजनिक जीवन की शुरुआत की और 1977 तक इस पद पर रहे। राजनीति में आने से पहले उन्होंने असम राइफल्स में सेवा दी थी और सूबेदार मेजर के पद से सेवानिवृत्त हुए थे। वर्ष 1980 में कांग्रेस के टिकट पर तत्कालीन अलोंग उत्तर विधानसभा क्षेत्र से अरुणाचल प्रदेश विधानसभा के लिए निर्वाचित हुए। चुनावी रिकॉर्ड के अनुसार उन्होंने उस चुनाव में अलोंग उत्तर सीट पर जीत दर्ज की थी।
योमचा के विकास में योगदान
अधिकारियों के अनुसार, ताग्गू के विधायक कार्यकाल के दौरान 1982 में योमचा अनुमंडल मुख्यालय की स्थापना हुई। उनके कार्यकाल में क्षेत्र में कई प्रशासनिक और शैक्षणिक पहल भी शुरू की गईं, जिनका स्थानीय विकास पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ा। ताग्गू के निधन पर राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री गेगोंग अपांग ने भी उन्हें समर्पित जनप्रतिनिधि और समाजसेवी बताते हुए श्रद्धांजलि दी थी। राज्यपाल के.टी. परनाइक ने भी उनके निधन पर शोक व्यक्त करते हुए उन्हें अरुणाचल प्रदेश के शुरुआती लोकतांत्रिक नेतृत्व को आकार देने वाले नेताओं में शामिल बताया था।