

सन्मार्ग संवाददाता
श्री विजय पुरम – अंडमान लॉ कॉलेज और नेताजी सुभाष चंद्र बोस इंस्टीट्यूट ऑफ पुलिस ट्रेनिंग के बीच शैक्षणिक सहयोग, संसाधनों के साझा उपयोग सहित विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग के लिए जल्द ही एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। नेताजी सुभाष चंद्र बोस इंस्टीट्यूट ऑफ पुलिस ट्रेनिंग के प्राचार्य उमा शंकर ने अंडमान लॉ कॉलेज के भ्रमण पर पहुंचे विद्यार्थियों को इस प्रस्तावित एमओयू के संबंध में जानकारी दी।
अंडमान लॉ कॉलेज के सभी पांच बैचों ने अपने शैक्षणिक एवं व्यावहारिक ज्ञान को बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित शैक्षणिक भ्रमण के तहत नेताजी सुभाष चंद्र बोस इंस्टीट्यूट ऑफ पुलिस ट्रेनिंग का दौरा किया। भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों को पुलिस प्रशिक्षण संस्थान की सुविधाओं, कार्यप्रणाली और विभिन्न गतिविधियों को करीब से जानने तथा देखने का अवसर मिला। विद्यार्थियों ने यह भी देखा कि पूर्व में पुलिस प्रशिक्षण विद्यालय के रूप में संचालित संस्थान को अब उन्नत कर नेताजी सुभाष चंद्र बोस इंस्टीट्यूट ऑफ पुलिस ट्रेनिंग के रूप में विकसित किया गया है।
संस्थान के परिसर में भाषा प्रयोगशाला, कंप्यूटर प्रयोगशाला, जिम्नेजियम, पुस्तकालय और सम्मेलन कक्ष जैसी विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध हैं। प्रशिक्षण संस्थान के अनुरूप परिसर को स्वच्छ, हरा-भरा और सुव्यवस्थित रखा गया है। शैक्षणिक भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने पुलिस अधिकारियों द्वारा दिए गए विभिन्न व्याख्यानों में भी भाग लिया। कानून के विद्यार्थियों के लिए पुलिस अधिकारियों से सीधे संवाद करते हुए पुलिस व्यवस्था और उसके कार्यों को समझना एक उपयोगी अनुभव रहा।
नेताजी सुभाष चंद्र बोस इंस्टीट्यूट ऑफ पुलिस ट्रेनिंग के उपनिरीक्षक अब्दुर रहमान ने ‘अंडमान एवं निकोबार पुलिस का संगठन’ विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने पुलिस संगठन की संरचना, विभिन्न पदों, रैंकों तथा पदानुक्रम के बारे में विद्यार्थियों को विस्तार से जानकारी दी। इसके बाद नेताजी सुभाष चंद्र बोस इंस्टीट्यूट ऑफ पुलिस ट्रेनिंग के उपनिरीक्षक दीपक मुखर्जी ने ‘पुलिस की भूमिकाएं और जिम्मेदारियां’ विषय पर एक सत्र आयोजित किया। उन्होंने पुलिस के विभिन्न दायित्वों और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में उसकी भूमिका के बारे में विद्यार्थियों को जानकारी दी।
नेताजी सुभाष चंद्र बोस इंस्टीट्यूट ऑफ पुलिस ट्रेनिंग के उपनिरीक्षक दिलीप कुमार सील ने पुलिस की सार्वजनिक छवि और जनता के साथ उसके संबंधों पर चर्चा की। इस दौरान विद्यार्थियों ने विभिन्न विषयों पर सक्रिय रूप से बातचीत की और अधिकारियों से सवाल पूछकर अपनी जिज्ञासाओं का समाधान किया। इस शैक्षणिक भ्रमण के माध्यम से विद्यार्थियों को कानून की पढ़ाई के साथ पुलिस प्रशासन की व्यावहारिक कार्यप्रणाली को समझने का अवसर मिला।
प्रस्तावित एमओयू के माध्यम से दोनों संस्थानों के बीच शैक्षणिक सहयोग और संसाधनों के साझा उपयोग को और मजबूत करने की उम्मीद है।