

सन्मार्ग संवाददाता
श्री विजयपुरम : अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह इकाई ने अंतरद्वीपीय विद्यार्थियों को दी जा रही छात्रवृत्ति राशि में तत्काल वृद्धि की मांग करते हुए अंडमान एवं निकोबार प्रशासन के मुख्य सचिव को एक ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में द्वीपसमूह के विभिन्न महाविद्यालयों में उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे विद्यार्थियों की आर्थिक समस्याओं को प्रमुखता से उठाया गया है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि जवाहरलाल नेहरू राजकीय महाविद्यालय, अंडमान कॉलेज, डॉ. बी.आर. अंबेडकर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी तथा अन्य महाविद्यालयों में अध्ययनरत अंतरद्वीपीय विद्यार्थियों को वर्तमान में केवल ₹1500 प्रतिमाह छात्रवृत्ति के रूप में प्रदान किए जा रहे हैं। संगठन ने कहा कि कई वर्षों से इस राशि में कोई वृद्धि नहीं की गई है, जबकि महंगाई और जीवनयापन की लागत लगातार बढ़ती जा रही है। संगठन के अनुसार वर्तमान छात्रवृत्ति राशि भोजन, आवास, परिवहन तथा अध्ययन सामग्री जैसी बुनियादी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए पर्याप्त नहीं है। एबीवीपी ने यह भी कहा कि दूरदराज द्वीपों तथा आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से आने वाले अनेक विद्यार्थियों को अपनी पढ़ाई जारी रखने के लिए पार्ट-टाइम मजदूरी कार्य करना पड़ रहा है, जिससे उनकी पढ़ाई और मानसिक स्वास्थ्य दोनों प्रभावित हो रहे हैं।
ज्ञापन के माध्यम से एबीवीपी ने प्रशासन से मांग की है कि विद्यार्थियों को दी जाने वाली मासिक छात्रवृत्ति राशि ₹1500 से बढ़ाकर कम से कम ₹5000 की जाए तथा संशोधित राशि को तत्काल प्रभाव से लागू किया जाए। संगठन ने यह भी आग्रह किया कि महंगाई और आर्थिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए छात्रवृत्ति राशि की समय-समय पर समीक्षा और संशोधन के लिए एक स्थायी व्यवस्था बनाई जाए।