

गुवाहाटी/जोरहाट : जरूरी वस्तुओं की लगातार बढ़ती कीमतों के खिलाफ ऑल असम स्टूडेंट्स यूनियन (AASU) ने गुरुवार को असम के विभिन्न हिस्सों में विरोध प्रदर्शन किया। छात्र संगठन ने राज्य सरकार पर आम परिवारों को बढ़ती महंगाई से राहत देने में विफल रहने का आरोप लगाया। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से बाजार पर प्रभावी नियंत्रण, जमाखोरी और मुनाफाखोरी के खिलाफ कार्रवाई तथा जरूरी वस्तुओं की कीमतें कम करने की मांग की। गुवाहाटी में AASU के सदस्य उजानेबाजार स्थित शहीद न्यास के पास एकत्र हुए। प्रदर्शनकारियों ने खाद्य पदार्थों और रोजमर्रा की जरूरी वस्तुओं की कीमतों में लगातार हो रही वृद्धि के खिलाफ नारेबाजी की। AASU अध्यक्ष उत्पल शर्मा ने कीमतों में वृद्धि को व्यापक राजनीतिक और आर्थिक परिस्थितियों से जोड़ते हुए सवाल उठाया कि चुनाव के दौरान आवश्यक वस्तुओं की कीमतें स्थिर रहती हैं, लेकिन चुनाव समाप्त होने के बाद इनमें अचानक तेजी क्यों आ जाती है। उन्होंने सवाल किया, “चुनाव के दौरान कीमतें स्थिर रहती हैं, लेकिन चुनाव के बाद वे तेजी से बढ़ती हैं। इससे गंभीर सवाल उठता है कि सरकार लोगों के साथ है या अमीर व्यापारियों के साथ?”
बाढ़ के बीच महंगाई पर सवाल
शर्मा ने हाल ही में बाढ़ से प्रभावित तीन जिलों का उल्लेख करते हुए कहा कि आपदा के बाद प्रभावित परिवारों को राहत मिलनी चाहिए थी, लेकिन इसके विपरीत जरूरी वस्तुओं की कीमतों में और वृद्धि हो रही है। उन्होंने कहा कि दवाइयों की कीमतें भी बढ़ गई हैं, जो बेहद चिंताजनक है। AASU ने बाढ़ को कीमतों में वृद्धि का कारण बताने की कोशिशों पर भी सवाल उठाया। संगठन ने सरकार से ऐसे व्यापारियों की पहचान कर कार्रवाई करने की मांग की, जो कथित तौर पर आपदा की स्थिति का फायदा उठाकर कीमतें बढ़ा रहे हैं। जोरहाट में भी महंगाई के खिलाफ प्रदर्शन ने जोर पकड़ा। जोरहाट जिला छात्र संघ के नेतृत्व में सैकड़ों प्रदर्शनकारियों ने जोरहाट स्टेडियम से जिला आयुक्त कार्यालय तक विरोध मार्च निकाला। प्रदर्शनकारियों ने राज्य सरकार और आपूर्ति विभाग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए बाजार नियंत्रण के लिए उठाए जा रहे कदमों को अपर्याप्त बताया। मार्च के बाद प्रदर्शनकारियों ने जिला आयुक्त के माध्यम से राज्य सरकार को ज्ञापन सौंपा। इसमें जरूरी वस्तुओं की कीमतों में कमी लाने, बाजार की निगरानी मजबूत करने और मुनाफाखोरी पर रोक लगाने के लिए तत्काल हस्तक्षेप की मांग की गई।
15 दिनों में प्याज 16 रुपये महंगा
जोरहाट के प्रदर्शनकारियों ने हाल के दिनों में विभिन्न जरूरी वस्तुओं की कीमतों में हुई बढ़ोतरी का आंकड़ा भी सामने रखा। उनके मुताबिक, पिछले 15 दिनों में प्याज की कीमत करीब 16 रुपये प्रति किलोग्राम बढ़ी है। इसी अवधि में चीनी 15 से 20 रुपये प्रति किलोग्राम तक महंगी हुई, जबकि सरसों के तेल की कीमत में करीब 8 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि हुई है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि इन बढ़ती कीमतों का सीधा असर आम परिवारों के घरेलू बजट पर पड़ रहा है। AASU ने सरकार से बाजार की नियमित और प्रभावी निगरानी करने, मुनाफाखोरी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और कृत्रिम तरीके से कीमतें बढ़ाने वालों की जवाबदेही तय करने की मांग की। संगठन ने चेतावनी दी कि उसका आंदोलन गुरुवार तक सीमित नहीं रहेगा। AASU के अनुसार, जब तक जरूरी वस्तुओं की कीमतों में स्पष्ट कमी नहीं आती, तब तक विभिन्न स्थानों पर विरोध प्रदर्शन जारी रखा जाएगा।