

उत्तर और दक्षिण बंगाल की कनेक्टिविटी होगी मजबूत₹622.04 करोड़ की लागत से बन रहा 5.468 किमी लंबा पुल 96% पूरा
जल्द मिलेगा जाम से राहत
मेघा, सन्मार्ग संवाददाता
नई दिल्ली/कोलकाता : बंगाल में गंगा नदी पर बन रहा नया चार-लेन फरक्का पुल क्षेत्र की कनेक्टिविटी को नई दिशा देने जा रहा है। 1960 के दशक में निर्मित लगभग 70 वर्ष पुराना Farakka Barrage अब भारी वाहनों और बढ़ते यातायात का दबाव झेलने में असमर्थ हो चुका है। मालदा, मुर्शिदाबाद और उत्तर बंगाल को जोड़ने वाला यह मार्ग लंबे समय से भीषण जाम की समस्या से जूझ रहा है। इसी समस्या के समाधान के लिए गंगा पर 5.468 किलोमीटर लंबा नया चार-लेन पुल बनाया जा रहा है, जिसकी लागत ₹622.04 करोड़ है। परियोजना 96 प्रतिशत पूरी हो चुकी है और इसके शीघ्र चालू होने की उम्मीद है। यह पुल भारत में गंगा पर बनने वाले सबसे लंबे पुलों में से एक होगा।
रोजाना घंटों जाम से मिलेगी राहत : मालदा से फरक्का तक प्रतिदिन आना-जाना करने वाले प्रोफेसर सैयद नुरुल हसन कॉलेज के शिक्षक अरुणमोय दास बताते हैं कि उन्हें रोजाना एक से दो घंटे ट्रैफिक जाम में फंसना पड़ता है। परीक्षा के दौरान छात्रों को भी सुबह-सुबह घर से निकलना पड़ता है, फिर भी समय पर केंद्र पहुंचने की चिंता बनी रहती है। नया पुल चालू होने के बाद इस दैनिक परेशानी से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। फरक्का की निवासी नफीसा का कहना है कि नया पुल न केवल छात्रों के लिए बल्कि मेडिकल इमरजेंसी के समय भी बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा। वर्तमान में जाम के कारण मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में देरी हो जाती है, जिससे स्थिति गंभीर हो सकती है।
व्यापार और कृषि को मिलेगा बढ़ावा : यह पुल उत्तर बंगाल से दक्षिण बंगाल तक कृषि उत्पादों और माल ढुलाई को सुगम बनाएगा। झारखंड से आने-जाने वाले एग्रीगेट्स (निर्माण सामग्री) के परिवहन में भी तेजी आएगी। मालदा और मुर्शिदाबाद के मशहूर आम और लीची अब देश-विदेश के बाजारों तक ताजा और समय पर पहुंच सकेंगे। फरक्का के लॉजिस्टिक्स कारोबारी आसिफ हुसैन के अनुसार, लगातार जाम के कारण कारोबार पर प्रतिकूल असर पड़ता है। नया पुल बनने से वाहनों की आवाजाही तेज होगी, ट्रिप की संख्या बढ़ेगी और व्यवसाय की लाभप्रदता में सुधार होगा।
पर्यटन को भी मिलेगा नया आयाम : नया पुल उत्तर बंगाल के पर्यटन को भी नई गति देगा। इससे Kulik Bird Sanctuary, Gour Malda, Adina Mosque जैसे ऐतिहासिक और प्राकृतिक स्थलों तक पहुंच आसान होगी। साथ ही दार्जिलिंग, कर्सियांग, कालिम्पोंग और सिक्किम के पहाड़ी क्षेत्रों तक सफर अधिक सुगम और तेज हो सकेगा।
परियोजना की मुख्य विशेषताएं
कुल लंबाई: 5.468 किमी
परियोजना लागत: ₹622.04 करोड़
भौतिक प्रगति: 96% पूर्ण
फरक्का बैराज पर यातायात दबाव कम करने के उद्देश्य से निर्माण
उत्तर और दक्षिण बंगाल के बीच कनेक्टिविटी सुदृढ़
झारखंड के साथ अंतरराज्यीय आवागमन को सुविधा
नया फरक्का पुल केवल गंगा पर एक और ढांचा नहीं, बल्कि क्षेत्र के लोगों के लिए नई संभावनाओं का मार्ग है। यह पुल समय की बचत, बेहतर शिक्षा व स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुंच और आर्थिक विकास का प्रतीक बनकर उभर रहा है। जल्द ही इसके चालू होने के साथ फरक्का और आसपास के इलाकों में यातायात की तस्वीर बदलने की उम्मीद है।