

कोलकाता : दुर्गा पूजा और काली पूजा के अवसर पर हुगली नदी को प्रदूषण से बचाने के लिए श्यामा प्रसाद मुखर्जी पोर्ट वर्ष 2010 से ही शहर के विभिन्न विसर्जन घाटों से मूर्तियों और अन्य अवशेषों को हटाने में सहयोग करता आ रहा है। ‘स्वच्छता ही सेवा-2025’ के पालन के तहत, इस वर्ष भी यह विशेष सफाई अभियान 8 दिनों तक चलाया जा रहा है। दुर्गा पूजा के दौरान 2 से 5 अक्टूबर तक और काली पूजा के दौरान 21 से 24 अक्टूबर तक यह सफाई अभियान चलेगा। यह कार्य कोलकाता के तीन प्रमुख घाटों बाजे कदमतला घाट, सेंट जजेज घाट और निमतला घाट पर किया जा रहा है।
अवशेषों को नदी में बहने से रोका जा रहा
विसर्जन घाटों को रस्सियों से घेरकर मूर्तियों और अन्य अवशेषों को नदी में बहने से रोका जा रहा है और फिर उन्हें यांत्रिक व मैनुअल तरीकों से हटाया जा रहा है। इसके लिए बार्ज-माउंटेड क्रेन, लॉन्च, मशीनीकृत नौकाएं और पर्याप्त मैनपावर तैनात किया गया है।
एक नजर घाटों की तैयारी पर
बाजे कदमतला घाट और निमतला घाट पर 3 मशीनीकृत नौकाएं, 4 टन क्षमता वाला 1 पॉन्टून-माउंटेड क्रेन (10 मीटर तक पहुंच क्षमता) और 1 स्मूथ-वॉटर लकड़ी की लॉन्च, साथ ही कम से कम 20 अनस्किल्ड कर्मियों की तैनाती की गयी है। सेंट जजेज घाट पर 3 मशीनीकृत नौकाएं, 1 स्मूथ-वॉटर लकड़ी की लॉन्च और कम से कम 20 अनस्किल्ड कर्मियों की तैनाती की गयी है। इस पूरे अभियान में लगभग 100 कर्मी शामिल हैं। कुल 8000 वर्गमीटर क्षेत्रफल में सफाई की जा रही है। हटाए गए मलबे में विसर्जित मूर्तियां, लकड़ी के ढांचे, कपड़े, प्लास्टिक और अन्य तैरता कचरा शामिल हैं।
यह कहा चेयरमैन ने
इस अवसर पर श्यामा प्रसाद मुखर्जी पोर्ट के चेयरमैन रथेंद्र रमन ने कहा, ‘इस कार्य में सहयोग के लिए कोलकाता नगर निगम और कोलकाता पुलिस का तहेदिल से आभार व्यक्त करता हूं। साथ ही, हमारे सभी अधिकारी, कर्मचारी और श्रमिकों को भी धन्यवाद देता हूं, जो इस त्योहार के मौसम में हुगली को स्वच्छ और प्रदूषणमुक्त रखने में निरंतर योगदान दे रहे हैं।’