

कोलकाता : बिहार की तरह पश्चिम बंगाल में भी मतदाता सूची में गहन संशोधन तथा स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (एसआईआर) होने वाला है। दुर्गा पूजा के बाद ही एसआईआर को लेकर नोटिफिकेशन जारी किया जा सकता है। इस संबंध में बुधवार को नयी दिल्ली में निर्वाचन सदन में चर्चा हुई। सूत्रों के अनुसार, इसी बीच राज्य के मुख्य सचिव मनोज पंत द्वारा अपील की गयी कि मतदाता सूची के संशोधन में राशन, आधार और स्वास्थ्य साथी कार्ड को भी मान्य किया जाये। मतदाता सूची के संशोधन में आयोग ने 11 दस्तावेजों को मान्यता दी है। यहां उल्लेखनीय है कि बिहार में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद आधार कार्ड को भी शामिल किया गया है, लेकिन वह किसी एक मामले के लिए है। ऐसे में पश्चिम बंगाल में भी इसे लागू किया जाये, यह आवश्यक नहीं है।
वहीं नवान्न सूत्रों का कहना है कि पहले पूछा गया था कि उक्त 11 दस्तावेजों के अलावा राज्य के लोगों के पास और क्या परिचय कार्ड है। इसकी ही जानकारी आयोग को दी गयी है। राज्य सरकार का कहना है कि राज्य के सभी लोगों को स्वास्थ्य साथी कार्ड आवश्यक जांच के बाद ही दिया जाता है, ऐसे में राज्य के लोगों को वोटर कार्ड मिलने में असुविधा ना हो, इस कारण ही राज्य सरकार द्वारा यह कदम उठाया गया है। इस बारे में राज्य के सीईओ मनोज अग्रवाल ने बताया कि ईसीआई ने कहा है कि केवल नागरिकता को दर्शाने वाले किसी अन्य दस्तावेज पर ही विचार किया जा सकता है।
बैठक में उठा बीएलओ की सुरक्षा का मुद्दा
सूत्रों के अनुसार, बुधवार को सभी राज्यों के सीईओ के साथ सीईसी की बैठक में पश्चिम बंगाल में एसआईआर करने के समय बीएलओ की सुरक्षा व कानून-व्यवस्था की समस्या का मुद्दा उठा। राज्य के सीईओ ने इस संबंध में बैठक में आशंका जाहिर की। चुनाव आयोग के सूत्रों के अनुसार, एसआईआर कराने के समय राज्य में उचित सुरक्षा-व्यवस्था का आश्वासन सीईओ को दिया गया है। वहीं बैठक में राज्य के चुनाव आयोग के शून्य पदों से संबंधित कुछ विषयों पर भी चर्चा की गयी।