चिंगड़ीघाटा क्रॉसिंग पर ट्रैफिक ब्लॉक न मिलने से ऑरेंज लाइन में देरी

चिंगड़ीघाटा क्रॉसिंग पर ट्रैफिक ब्लॉक न मिलने से ऑरेंज लाइन में देरी
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मुख्य बातें • 2027 से खिसककर 2028 हुई न्यू गरिया–एयरपोर्ट मेट्रो की समयसीमा

• हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद राज्य से नहीं मिली ट्रैफिक डायवर्जन की अनुमति

मेघा सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : चिंगड़ीघाटा क्रॉसिंग पर मेट्रो निर्माण कार्य में आ रही बाधाओं के कारण न्यू गरिया–एयरपोर्ट ऑरेंज लाइन की समयसीमा एक वर्ष आगे बढ़कर 2028 हो गई है। यह जानकारी मेट्रो रेलवे के महाप्रबंधक शुभ्रांशु शेखर मिश्रा ने सोमवार को बजट के बाद आयोजित मीडिया कॉन्फ्रेंस में दी। मिश्रा ने कहा, ‘यदि यातायात अवरोध (ट्रैफिक ब्लॉक) की अनुमति तुरंत मिल जाती है तो उम्मीद है कि ऑरेंज लाइन का काम 2028 के मध्य तक पूरा हो जाएगा।’ पहले इस परियोजना को 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य था। उन्होंने बताया कि 23 दिसंबर 2025 को कलकत्ता हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया था कि चिंगड़ीघाटा क्रॉसिंग पर मेट्रो वायाडक्ट का ब्रिजिंग कार्य 15 फरवरी 2026 तक पूरा किया जाए। अदालत ने 6 जनवरी तक ट्रैफिक डायवर्जन की तारीखें तय करने को भी कहा था। हालांकि, मेट्रो जीएम के अनुसार, ‘हमें अब तक राज्य सरकार की ओर से ट्रैफिक ब्लॉक की तारीखों को लेकर कोई सूचना नहीं मिली है।’हाईकोर्ट के आदेश के अनुसार, दो सप्ताहांतों में कुल छह रातों का ट्रैफिक ब्लॉक दिया जाना था। इस दौरान रेल विकास निगम लिमिटेड (आरवीएनएल) को व्यस्त ईएम बाइपास चौराहे पर तीन पिलरों के बीच दो कंक्रीट गर्डर लॉन्च करने हैं, ताकि सेक्टर V से ऑरेंज लाइन को जोड़ने के लिए शेष 366 मीटर वायाडक्ट का काम पूरा किया जा सके। आरवीएनएल ने मेट्रोपॉलिटन–सेक्टर V सेक्शन को जून 2025 तक चालू करने का लक्ष्य रखा था।

इससे पहले, रेलवे मंत्री अश्विनी वैष्णव ने वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, ‘हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद पश्चिम बंगाल सरकार चिंगड़िघाटा में मेट्रो कार्य की अनुमति नहीं दे रही है। ट्रैफिक डायवर्जन के लिए आरवीएनएल ने बाइपास सड़क भी बनाई है, लेकिन पिछले डेढ़ साल से परियोजना यहीं अटकी हुई है।’ मेट्रो जीएम ने पर्पल लाइन (जोका–एस्प्लानेड) से जुड़ी बीसी रॉय मार्केट की समस्या का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि बाजार को स्थानांतरित करने का मुद्दा इस कॉरिडोर में बाधा बना हुआ है। उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं कि राज्य सरकार सहयोग करे, ताकि एस्प्लानेड में टर्मिनल स्टेशन का निर्माण किया जा सके।


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