अमृत भारत परियोजना के तहत आधुनिकता की रंग में निखर रहा कविगुरु का बोलपुर

डोलोत्सव की रंगत में सजा बोलपुर, पर्यटकों की उमड़ी भीड़ अमृत भारत योजना के तहत 18 करोड़ रुपये से स्टेशन का कायाकल्प शांतिनिकेतन की सांस्कृतिक शैली में तैयार होगा नया स्टेशन भवन
अमृत भारत परियोजना के तहत आधुनिकता की रंग में निखर रहा कविगुरु का बोलपुर
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मेघा, सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता/बोलपुर (बीरभूम) : जहाँ आकाश का नीला रंग क्षितिज की लाल मिट्टी से मिलकर एक अद्भुत दृश्य रचता है और जहाँ हवा की सरसराहट में बाउल गीतों की तान घुली रहती है, वही है कविगुरु की भूमि बोलपुर। होली के अवसर पर जब पूरा बंगाल डोलोत्सव की रंगत में डूबा है, तब बोलपुर–शांतिनिकेतन की पहचान और भी निखर उठती है। इस बार उत्सव की इस सांस्कृतिक छटा के बीच शहर आधुनिकता की नई आभा में भी संवर रहा है। केंद्र सरकार की Amrit Bharat Station Scheme के तहत Bolpur Shantiniketan railway station का व्यापक कायाकल्प किया जा रहा है।

डोलोत्सव और शांतिनिकेतन की परंपरा : बोलपुर स्थित Santiniketan में होली को ‘डोलोत्सव’ या ‘बसंत उत्सव’ के रूप में मनाने की परंपरा है, जिसकी शुरुआत Rabindranath Tagore ने की थी। पीले वस्त्रों में सजे छात्र-छात्राएं, रवीन्द्र संगीत की स्वर लहरियाँ और अबीर-गुलाल की सौम्य बौछार—यहां होली केवल रंगों का नहीं, संस्कृति और सौंदर्य का उत्सव है। देश-विदेश से हजारों पर्यटक इस अवसर पर शांतिनिकेतन पहुंचते हैं। ऐसे समय में स्टेशन का आधुनिक और सुसज्जित रूप पर्यटकों के स्वागत में नई गरिमा जोड़ रहा है।

इतिहास से आधुनिकता तक की यात्रा : करीब डेढ़ सौ वर्ष पूर्व यह इलाका घने साल-पियाल के जंगलों से आच्छादित था। 1863 में Debendranath Tagore ने यहां छातिमतला में आश्रम की स्थापना की, जिससे क्षेत्र की नियति बदल गई। बाद में शांतिनिकेतन और Visva-Bharati विश्वपटल पर विशिष्ट पहचान के केंद्र बने। आज वही ऐतिहासिक धरती आधुनिक बुनियादी ढांचे से जुड़ रही है।

18 करोड़ रुपये से स्टेशन का कायाकल्प : अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत लगभग 18 करोड़ रुपये की लागत से स्टेशन का पुनर्विकास हो रहा है। भवन को शांतिनिकेतन की कलात्मक शैली में डिज़ाइन किया जा रहा है। वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगजनों के लिए लिफ्ट और एस्केलेटर लगाए जा रहे हैं। व्हीलचेयर अनुकूल टिकट काउंटर और दृष्टिबाधित यात्रियों के लिए टैक्टाइल पथ बनाए जा रहे हैं। आधुनिक फुट ओवरब्रिज, हाई-स्पीड वाई-फाई, मोबाइल-लैपटॉप चार्जिंग प्वाइंट, आरओ पेयजल सुविधा, एटीवीएम, सीसीटीवी निगरानी और स्वच्छ शौचालयों की व्यवस्था की जा रही है। हरित परिवहन को बढ़ावा देने के लिए ईवी चार्जिंग प्वाइंट भी स्थापित होंगे।

पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा : डोलोत्सव और वर्ष भर चलने वाले सांस्कृतिक आयोजनों के कारण यहां पर्यटकों की निरंतर आवाजाही रहती है। स्टेशन पर टूरिस्ट फैसिलिटेशन सेंटर स्थापित किया जा रहा है, जो आगंतुकों को मार्गदर्शन देगा। ‘वन स्टेशन वन प्रोडक्ट’ योजना के तहत स्थानीय हस्तशिल्प और कुटीर उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा। डोलोत्सव के रंगों और रवीन्द्र संगीत की मधुर धुनों के बीच आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित यह स्टेशन अब आगंतुकों का स्वागत एक नई पहचान के साथ करने को तैयार है।

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