तृणमूल के नाम , प्रतीक पर फैसला लेने में कितना समय 

High Court
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सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस के बेंच का निर्वाचन आयोग से सवाल  जितेंद्र, सन्मार्ग संवाददाता  कोलकाता : सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जयमाल्य बागची और जस्टिस वी मोहना के बेंच ने निर्वाचन आयोग से सवाल किया है कि तृणमूल कांग्रेस के नाम व प्रतीक पर फैसला लेने में कितना समय लगेगा। उल्लेखनीय है कि निर्वाचन आयोग ने तृणमूल कांग्रेस के नाम और प्रतीक को फ्रीज कर दिया है। पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इसके खिलाफ मामला दायर किया है। बृहस्पतिवार को इस मामले की सुनवाई थी। चीफ जस्टिस ने निर्वाचन आयोग से कहा कि एक समय सीमा तय कर दीजिए जिसके अंदर दोनों पक्ष अपने अपने दस्तावेज प्रस्तुत करेंगे। ममता बनर्जी की तरफ से सवाल करते हुए करते हुए सीनियर एडवोकेट कपिल सिब्बल ने कहा कि वह चुनाव रोके जाने के पक्ष में नहीं है। इसके साथ ही कहा कि निर्वाचन आयोग जिस तरीके से काम कर रहा है वह संपूर्ण रूप से असंवैधानिक है। उन्होंने कहा कि एक सोची समझी रणनीति के तहत उपचुनाव की अधिसूचना जारी करने से पहले तृणमूल कांग्रेस के नाम और प्रतीक को फ्रीज कर दिया गया। जस्टिस बागची ने कहा कि यह एक अंतरिम आदेश है और उपचुनाव होने तक बना रहेगा। जस्टिस बागची ने कहा कि फिलहाल इसमें दखल नहीं दे सकते हैं। निर्वाचन आयोग से कहेंगे कि जितना जल्दी हो वह अपना फैसला सुना दे।

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