खेलों को बढ़ावा देने पहुंचे तेंदुलकर

जगदलपुर हवाई अड्डे पर पत्रकारों से बात करते हुए तेंदुलकर ने कहा, ‘मुझे बहुत खुशी है कि हमने (मैदान कप पहल के तहत) लगभग 50 स्कूल में खेल के मैदान विकसित किए हैं।’
खेलों को बढ़ावा देने पहुंचे तेंदुलकर
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दंतेवाड़ा : पूर्व महान क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर बुधवार को छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने आए जो जमीनी स्तर की खेल पहल का हिस्सा है और इसका मकसद कभी माओवाद से प्रभावित रहे इस इलाके को एक फलता-फूलता खेल केंद्र बनाना है। तेंदुलकर जगदलपुर हवाई अड्डे पर पहुंचे और बाद में दंतेवाड़ा के छिंदनार गांव गए जहां ‘मैदान कप’ हल के तहत एक कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। जगदलपुर हवाई अड्डे पर पत्रकारों से बात करते हुए तेंदुलकर ने कहा, ‘मुझे बहुत खुशी है कि हमने (मैदान कप पहल के तहत) लगभग 50 स्कूल में खेल के मैदान विकसित किए हैं।’

तेंदुलकर ने बताया कि दंतेवाड़ा में ‘मैदान कप’ प्रतियोगिता आयोजित की जा रही है जिसे ‘मान देसी’ और ‘सचिन तेंदुलकर फाउंडेशन’ का समर्थन प्राप्त है। इससे पांच हजार से अधिक बच्चों को फायदा हो रहा है। जिला प्रशासन के अधिकारियों के अनुसार पिछले साल इस इलाके की हिंसाग्रस्त छवि को बदलने और खेल संस्कृति को बढ़ावा देने के प्रयासों के तहत मान देसी और सचिन तेंदुलकर फाउंडेशन के सहयोग से मैदान कप पहल शुरू की गई थी। तेंदुलकर ने कहा, ‘यह बहुत अच्छा लग रहा है क्योंकि हमारा फाउंडेशन मान देसी टीम के साथ मिलकर यहां बहुत अच्छा काम कर रहा है।

हो सकता है कि मैं बच्चों के साथ खेलूं क्योंकि यह खेल कार्यक्रम चल रहा है जिसमें कबड्डी, खो-खो, एथलेटिक्स और वॉलीबॉल जैसे खेल शामिल हैं।’ दंतेवाड़ा कभी माओवादी हिंसा के लिए जाना जाता था। इसमें 2010 में ताड़मेटला (अब सुकमा जिले में) में हुआ वह हमला भी शामिल है जिसमें 76 सुरक्षाकर्मी मारे गए थे। यह जिला हालांकि अब एक बदलाव का गवाह बन रहा है। जिला प्रशासन के एक अधिकारी ने बताया कि इस पहल का मकसद खेलों के जरिए ‘बचपन को वापस लाना’ और युवाओं के लिए नए रास्ते खोलना है।

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