

नयी दिल्ली : अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने बांग्लादेश को आगामी टी-20 विश्व कप से बाहर कर उसकी जगह स्कॉटलैंड को शामिल किया है क्योंकि बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) ने मुस्तफिजुर रहमान को आईपीएल से बाहर किए जाने के बाद सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए अपनी टीम भारत भेजने से इनकार कर दिया था। स्कॉटलैंड के शामिल होने से एक महीने से चल रहा असंमजस खत्म हो गया क्योंकि बीसीबी लगातार जोर दे रहा था कि उनके मैच श्रीलंका में स्थानांतरित किए जाएं और यहां तक कि उसने अपने ग्रुप को आयरलैंड के साथ बदलने का भी सुझाव दिया था। हालांकि आयरिश क्रिकेट बोर्ड ने इस सुझाव को साफ तौर पर खारिज कर दिया। आईसीसी बोर्ड की बैठक में बांग्लादेश के खिलाफ 14-2 के भारी बहुमत से फैसला हुआ कि उसे अपने मुकाबले खेलने के लिए भारत जाना चाहिए।
आईसीसी ने बीसीबी को अपना रुख बदलने के लिए 24 घंटे की समय सीमा दी थी, लेकिन आसिफ नजरुल के अड़े रहने के कारण क्रिकेट के दीवाने इस देश की टी-20 विश्व कप खेलने की उम्मीदें खत्म हो गईं। पता चला है कि चेयरमैन जय शाह सहित आईसीसी के वरिष्ठ अधिकारी शुक्रवार को दुबई में मौजूद थे। इसी दिन देर शाम BCB अध्यक्ष अमिनुल इस्लाम बुलबुल को एक ईमेल भेजकर वैश्विक संस्था के फैसले से अवगत कराया गया। ICC के एक सूत्र ने गोपनीयता की शर्त पर कहा, ‘कल शाम बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष को ईमेल भेजकर सूचित किया गया कि उनके बोर्ड ने भारत आने या नहीं आने के फैसले पर 24 घंटे की समय-सीमा के भीतर आधिकारिक रूप से ICC को कोई जवाब नहीं दिया, इसलिए यह निर्णय लिया गया। ’
सूत्र ने कहा, ‘BCB ने ICC को औपचारिक जानकारी देने से पहले ढाका में प्रेस कॉन्फ्रेंस की जो प्रोटोकॉल का उल्लंघन था। उन्हें स्पष्ट रूप से बता दिया गया है कि उनकी जगह अब शामिल होने वाली टीम स्कॉटलैंड है।’ ICC ने प्रतिभागी सदस्य देशों को भी बांग्लादेश के टूर्नामेंट से हटाए जाने के बारे में सूचित कर दिया है। बांग्लादेश के खेल मंत्रालय के सलाहकार आसिफ नजरुल ने ICC की ओर से बार बार सुरक्षा आश्वासन दिए जाने के बावजूद भारत यात्रा के खिलाफ सलाह दी थी। इस तरह स्कॉटलैंड ग्रुप चरण में अपने चार मुकाबले वेस्टइंडीज (सात फरवरी), इटली (नौ फरवरी) और इंग्लैंड (14 फरवरी) के खिलाफ कोलकाता में खेलेगा जबकि नेपाल के खिलाफ उसका मैच 17 फरवरी को मुंबई में होगा।
BCB ने हतशा भरे कदम के तहत ICC की विवाद समाधान समिति (DRC) को पत्र लिखकर राष्ट्रीय पुरुष टीम के टी-20 विश्व कप मुकाबले भारत में कराने के संचालन परिषद के फैसले को पलटने की मांग की थी लेकिन यह अपील सुनी नहीं जाएगी क्योंकि यह मामला उप-समिति के अधिकार क्षेत्र से बाहर है। बांग्लादेश के लिए अनिवार्य स्वतंत्र सुरक्षा मूल्यांकन खतरा ‘कम से मध्यम’ था जो सभी टीमों के लिए समान था। लेकिन भारत विरोधी कट्टरपंथी नजरुल ने अंतरिम सरकार के प्रतिनिधि के रूप में एक फरमान जारी किया कि इन परिस्थितियों में टीम को भारत जाने की अनुमति नहीं दी जा सकती। दरअसल नजरुल और राष्ट्रीय टीम के खिलाड़ियों के बीच हुई बैठक एकतरफा बातचीत साबित हुई।
इसमें नजरुल ने ही सारी बात की और स्टार क्रिकेटरों से कहा कि उन्हें टूर्नामेंट में हिस्सा लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी। बल्कि इसका असर BCB पर वित्तीय रूप से भी बुरी तरह पड़ेगा। बोर्ड को 500,000 अमेरिकी डॉलर की भागीदारी फीस का नुकसान होगा जो हर देश को मिलती है। लेकिन इससे भी बड़ा संभावित नुकसान ICC के वार्षिक राजस्व का होगा। BCB को सालाना ICC से राजस्व के हिस्से के रूप में 330 करोड़ बांग्लादेशी टका (लगभग 27 मिलियन अमेरिकी डॉलर) मिलते हैं जो उसके वार्षिक बजट का लगभग 60 प्रतिशत है। इसके अलावा टूर्नामेंट नहीं खेलने के कारण प्रायोजक राशि का नुकसान होगा। BCB के पास एकमात्र कानूनी विकल्प स्विट्जरलैंड स्थित खेल पंचाट में जाने का है लेकिन टूर्नामेंट फिर भी जारी रहेगा।