सूर्यवंशी की रिकॉर्डतोड़ पारी, भारत-A बना चैंपियन

15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी ने 11 गेंदों में अर्द्धशतक जड़कर लिस्ट ए क्रिकेट का विश्व रिकॉर्ड तोड़ा, तूफानी 94 रन की बदौलत भारत-A ने श्रीलंका-A को फाइनल में 66 रन से हराया
फाइल फोटो
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दाम्बुला : किशोर सनसनी वैभव सूर्यवंशी ने लीग चरण की नाकामी को पीछे छोड़ते हुए 29 गेंद में 94 रन की विस्फोटक पारी के दौरान लिस्ट ए क्रिकेट का सबसे तेज अर्द्धशतक जड़ा जिससे भारत ए ने रविवार को त्रिकोणीय सीरीज के फाइनल में श्रीलंका ए को 66 रन से शिकस्त देकर खिताब अपने नाम किया। बिहार के समस्तीपुर के 15 वर्षीय खब्बू बल्लेबाज ने महज 11 गेंदों में अर्द्धशतक पूरा कर लिस्ट ए क्रिकेट का नया रिकॉर्ड बना दिया। उन्होंने श्रीलंका के कौशल्य वीररत्ने का 21 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ा। वीररत्ने ने 2005 में 12 गेंदों में अर्द्धशतक लगाया था। भारत ए ने नौ विकेट पर 377 रन का विशाल स्कोर खड़ा करने के बाद श्रीलंका की पारी को 47.1 ओवर में 311 रन पर समेट दिया। भारत ए के लिए यश ठाकुर (45 रन पर तीन विकेट), विपराज निगम (60 रन पर तीन विकेट) और अनुकूल रॉय (42 रन पर दो विकेट) ने शानदार गेंदबाजी की।

कप्तान तिलक वर्मा (11 रन पर एक विकेट) और अशोक शर्मा (75 रन पर एक विकेट) को भी एक-एक सफलता मिली। पहले बल्लेबाजी के लिए उतरी भारत ए की टीम सूर्यवंशी की आक्रामक बल्लेबाजी के दम पर 400 रन के आंकड़े की ओर बढ़ती दिख रही थी, लेकिन मध्य ओवरों में श्रीलंका ए ने शानदार वापसी की। कप्तान तिलक वर्मा ने 90 गेंद पर 67 रन की संयमित पारी खेलकर टीम को संभाला। वहीं, अनुकूल रॉय ने 15 गेंदों में 39 रन और विप्रज निगम ने 20 गेंदों में 27 रन बनाकर अंतिम ओवरों में तेजी से रन जुटाए, जिससे भारत ए का स्कोर 375 रन के पार पहुंच गया। बड़े लक्ष्य का पीछा करते हुए श्रीलंका ए को तेज शुरुआत और बड़ी साझेदारियों की जरूरत थी, लेकिन टीम ऐसा करने में विफल रही। शीर्ष क्रम के बल्लेबाज निरोशन डिकवेला (25), अविष्का फर्नांडो (तीन) और नुवानिडु फर्नांडो (21) पहले 10 ओवरों में ही 75 रन के स्कोर तक पवेलियन लौट गए।

श्रीलंका की ओर से सदीरा समरविक्रमा (52) और कप्तान सहान अराच्चिगे (38) ने चौथे विकेट के लिए 53 रन जोड़े, जबकि वानुज सहान (62) और विजयकांत वियास्कंथ (39) ने सातवें विकेट के लिए 77 रनों की साझेदारी की। हालांकि ये प्रयास लक्ष्य के मुकाबले नाकाफी साबित हुए और केवल हार का अंतर कम करने में मददगार रहे। इससे पहले इस सीरीज में अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पाने वाले सूर्यवंशी शुरुआत से ही आक्रामक अंदाज में नजर आए। उन्होंने श्रीलंकाई गेंदबाजों पर शुरू से दबाव बनाया और मैदान के चारों ओर आकर्षक शॉट लगाए। उनकी पहली 11 गेंद का स्कोर क्रमशः 4, 4, 4, 6, 6, 0, 6, 4, 4, 6 और 6 रहा। उन्होंने पांच चौकों और पांच छक्कों की मदद से रिकॉर्ड अर्द्धशतक पूरा किया। तेज गेंदबाज दुलाज समुदिथा की लगातार दो गेंदों पर सीधे छक्के लगाकर उन्होंने रिकॉर्ड अपने नाम किया। इस सलामी बल्लेबाज ने ताकत और शानदार टाइमिंग का बेहतरीन मिश्रण दिखाया। शुरुआत में उन्होंने तेज गेंदबाजों के खिलाफ लेग साइड में रन बटोरे और बाद में ऑफ साइड में भी आकर्षक शॉट खेले।

इस दौरान अच्छी गेंद को भी सीमा रेखा के पार पहुंचाने की उनकी क्षमता एक बार फिर देखने को मिली। उनकी पारी का सबसे आकर्षक हिस्सा एक्स्ट्रा कवर के ऊपर लगाए गए छक्के रहे। इस क्षेत्र में लगाए गए तीन दर्शनीय छक्कों ने उनकी बल्लेबाजी कौशल, संतुलन और बेखौफ अंदाज को बखूबी दर्शाया। प्रियांश आर्य (39) के साथ सूर्यवंशी ने पहले विकेट के लिए 132 रन की साझेदारी की। वह लिस्ट ए क्रिकेट का सबसे तेज शतक लगाने की ओर बढ़ रहे थे, लेकिन स्पिनर सहान अरच्चिगे ने उन्हें मिडऑफ पर कैच कराकर उनकी आतिशी पारी का अंत कर दिया। अगले ही ओवर में आर्य भी आउट हो गए और श्रीलंका ए ने मुकाबले में वापसी की। इसके बाद अनुभवी ऋतुराज गायकवाड़ (40) और तिलक वर्मा ने तीसरे विकेट के लिए 84 रन जोड़े, लेकिन रन गति कुछ धीमी पड़ गई। तिलक ने विकेटकीपर कुमार कुशाग्र (36) के साथ भी चौथे विकेट के लिए 63 रन की साझेदारी की। अंतिम ओवरों में तेजी से रन बनाने के प्रयास में भारत ए के विकेट लगातार गिरते रहे लेकिन विपराज निगम और अनुकूल ने उपयोगी पारियां खेलकर टीम को 377 रन तक पहुंचा दिया। अनुकूल ने अपनी पारी के चार में से तीन छक्के आखिरी ओवर में कुगाथस मथुलन के खिलाफ जड़े।  

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