

जोहानिसबर्ग : कप्तान लौरा वोल्वार्ट (53 गेंद में 115 रन) की आतिशी शतकीय पारी और पहले विकेट के लिए सुने लुस (42 गेंद में नाबाद 64 रन) के साथ 92 गेंद में 183 रन की साझेदारी के दम पर दक्षिण अफ्रीका ने भारत को तीसरे महिला T-20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच में नौ विकेट से करारी शिकस्त देकर पांच मैचों की सीरीज में 3-0 से अजेय बढ़त बना ली। भारत ने कप्तान हरमनप्रीत कौर (66) और सलामी बल्लेबाज शेफाली वर्मा (64) के अर्द्धशतकों तथा दोनों के बीच तीसरे विकेट के लिए 42 गेंद में 73 रन की साझेदारी की बदौलत चार विकेट पर 192 रन बनाए थे, लेकिन वोल्वार्ट की ताबड़तोड़ पारी ने इस बड़े स्कोर को भी बौना साबित कर दिया। दक्षिण अफ्रीका ने 16.3 ओवर में एक विकेट पर 193 रन बनाकर भारत के खिलाफ अपनी सबसे बड़ी जीत दर्ज की।
शानदार फॉर्म में चल रही वोल्वार्ट ने पहले दो मैचों में 51 और 54 रन बनाए थे। यह महिला T-20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट इतिहास में लक्ष्य का पीछा करते हुए तीसरी सबसे बड़ी जीत है। इससे पहले वेस्टइंडीज और इंग्लैंड ने क्रमशः 2023 और 2018 में ऑस्ट्रेलिया और भारत के खिलाफ 212 और 198 रन के लक्ष्य हासिल किए थे। वोल्वार्ट को चौथे ओवर में 31 रन के निजी स्कोर पर स्मृति मंधाना ने कैच टपकाकर जीवनदान दिया। वोल्वार्ट को 85 रन के स्कोर पर दूसरा जीवनदान हरमनप्रीत ने कैच छोड़कर दिया। उन्होंने इनका फायदा उठाते हुए अपनी पारी में 14 चौके और पांच छक्के जड़े और T-20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपना सर्वोच्च स्कोर बनाया। T-20 अंतरराष्ट्रीय में यह वोल्वार्ट का तीसरा शतक है।
इसके साथ ही उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 17 शतकों के साथ भारत की स्मृति मंधाना और ऑस्ट्रेलिया की मेग लैनिंग की बराबरी कर ली। लुस ने भी छह चौकों और दो छक्कों की मदद से उनका अच्छा साथ दिया। भारत के लिए श्रेयंका पाटिल ने वोल्वार्ट को आउट कर एकमात्र सफलता हासिल की लेकिन अन्य सभी गेंदबाजों ने काफी रन लुटाये। सीरीज में 0-2 से पीछे चल रही भारतीय टीम के लिए यह मुकाबला महत्वपूर्ण था और बल्लेबाजों ने जिम्मेदारी को बखूबी निभाया। शेफाली वर्मा ने आठ चौकों और दो छक्कों की मदद से लगातार दूसरा अर्द्धशतक जड़ा, जबकि हरमनप्रीत ने 38 गेंदों में सात चौकों और तीन छक्कों की मदद से 66 रन की तेज पारी खेली। लक्ष्य का पीछा करते हुए वोल्वार्ट ने पहली ही गेंद पर रेणुका सिंह के खिलाफ चौका जड़कर अपने तेवर दिखाए।
उन्होंने दूसरे ओवर में काश्वी गौतम के खिलाफ तीन चौके लगाए। आक्रामक रवैये के साथ उन्होंने तीसरे ओवर में रेणुका के खिलाफ पारी का पहला छक्का जड़ा और फिर पांचवें ओवर में लगातार गेंदों पर एक छक्का और दो चौके जड़कर 18 रन बटोरे। उन्होंने अरुंधति रेड्डी के खिलाफ चौके के साथ 23 गेंद में 50 रन पूरे किये। दक्षिण अफ्रीका ने पावरप्ले में बिना किसी नुकसान के 72 रन बनाए। अब तक संभलकर खेल रहीं लुस ने श्रेयंका पाटिल के खिलाफ छक्का और शेफाली वर्मा के खिलाफ चौका लगाकर रन गति को बरकरार रखा। टीम ने नौवें ओवर में ही 100 रन पूरे कर लिए। वोल्वार्ट ने 12वें ओवर में दीप्ति के खिलाफ अपनी पारी का तीसरा छक्का जड़ा, जबकि लुस ने श्रेयंका के खिलाफ दो चौकों के साथ दबदबा बनाए रखा।
वोल्वार्ट ने 14वें ओवर में दीप्ति के खिलाफ शुरुआती दो गेंदों पर छक्का और चौका लगाने के बाद पांचवीं गेंद पर चौके के साथ 47 गेंदों में अपना शतक पूरा किया। इसी ओवर में लुस ने एक रन लेकर अपना अर्द्धशतक पूरा किया। वोल्वार्ट शतक पूरा करने के बाद श्रेयंका की गेंद पर बड़ा शॉट खेलने की कोशिश में आउट हुईं, लेकिन तब तक टीम की जीत लगभग तय हो चुकी थी। इससे पहले शेफाली ने स्मृति मंधाना के साथ पहले विकेट के लिए 68 रन जोड़कर भारत को मजबूत शुरुआत दिलाई। पावरप्ले में भारत ने बिना विकेट खोए 51 रन बनाए।
मंधाना 25 गेंदों में 37 रन बनाकर नौवें ओवर में नोनकुलुलेको मलाबा की गेंद पर आउट हुईं। मलाबा ने अगली गेंद पर जेमिमा रोड्रिग्स (0) को आउट कर भारत को झटका दिया, जिससे टीम का स्कोर बिना किसी नुकसान के 68 रन से दो विकेट पर 68 रन हो गया। शेफाली और हरमनप्रीत ने तीसरे विकेट के लिए 73 रन की साझेदारी की। शेफाली 16वें ओवर में आउट हुईं, जब वह शॉर्ट गेंद पर चूक गईं और नादिन डिक्लर्क ने कैच लपका। हरमनप्रीत ने इसके बाद आक्रामक रुख अपनाते हुए टीम को बड़े स्कोर तक पहुंचाया, हालांकि वह पारी की अंतिम गेंद पर रन आउट हो गईं। रिचा घोष ने 10 गेंदों में नाबाद 18 रन बनाए।