नयी दिल्ली : भारत के पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर ने कहा है कि सर गारफील्ड सोबर्स इस धरती पर महानतम क्रिकेटर थे और उनमें वह सब कुछ था जैसा एक बच्चे के रूप में बल्ला या गेंद उठाते हुए हम बनने का सपना देखते थे। क्रिकेट के इतिहास के महानतम हरफनमौला माने जाने वाले सोबर्स का शुक्रवार को बारबाडोस में 89 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। वह 11 दिन बाद अपना 90वां जन्मदिन मनाने वाले थे। गावस्कर ने कहा, ‘यह क्रिकेट के लिये सबसे दु:खद दिन है। इस धरती के सबसे महान क्रिकेटर ने हमसे विदा ली।
कोई भी शब्द क्रिकेटर सर गारफील्ड सोबर्स के बारे में बयां करने के लिये काफी नहीं है।’ उन्होंने कहा, ‘जब बच्चे के रूप में हमने बल्ला या गेंद पकड़ा था तो जैसा बनने का हम सपना देखते थे, वह वैसे ही थे।’ उन्होंने कहा ,‘सारी यादें जेहन में घूम रही है और हमेशा मेरे दिल में रहेंगी। ईश्वर आपकी आत्मा को शांति दे सर गारफील्ड। आप हमारे दिलों में हमेशा रहेंगे।’ वहीं सचिन तेंदुलकर ने लिखा,‘यह स्वीकार करना मुश्किल है कि सर गैरी अब नहीं रहे। मैं इतने साल की यादों को ताजा कर रहा हूं। उन्होंने विश्व कप 2003 में मुझे प्लेयर आफ द टूर्नामेंट का पुरस्कार दिया था।
कुछ साल पहले हम लंदन में मिले थे और खेल के बारे में बात की थी।’ उन्होंने कहा,‘अब मुझे दु:ख हो रहा है कि वह हमारी आखिरी मुलाकात थी। उनके जैसा कोई नहीं था। उनकी कमी बहुत खलेगी।’ दो बार ICC वर्ष के सर्वश्रेष्ठ क्रिकेटर का पुरस्कार जीत चुके भारत के चैंपियन बल्लेबाज विराट कोहली ने लिखा, ‘क्रिकेट ने अपने महानतम खिलाड़ियों में से एक को खो दिया। ईश्वर आपकी आत्मा को शांति दे सर गारफील्ड सोबर्स। आपकी विरासत पीढियों को प्रेरित करती रहेगी।’ श्रीलंका क्रिकेट ने एक बयान में कहा, ‘क्रिकेट के इस महान सपूत को श्रृद्धांजलि देने के लिये श्रीलंका क्रिकेट लंका प्रीमियर लीग के आज के मैचों से पहले एक मिनट का मौन रखेगा। सभी मैचों में खिलाड़ी बांह पर काली पट्टी बांधकर खेलेंगे।’