

नयी दिल्ली : भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व स्पिनर हरभजन सिंह राष्ट्रीय टीम का मुख्य कोच बनने के बाद से गौतम गंभीर की लगातार हो रही आलोचनाओं से हैरान हैं, लेकिन वह यह भी मानते हैं कि उनके पूर्व साथी खिलाड़ी की ‘कड़वी सच्चाई बताने’ की शैली सभी को पसंद नहीं आती है। एक साक्षात्कार में, हरभजन ने कहा कि वह जिस गंभीर को जानते हैं, वह एक भावुक इंसान है जो अपने दिल की बात खुलकर कहता है और उनका यह अंदाज कुछ लोगों को असहज कर सकता है। गंभीर के कोच रहते हुए भारत ने T-20 विश्व कप, चैंपियंस ट्रॉफी और एशिया कप जीता, लेकिन टेस्ट क्रिकेट में टीम का प्रदर्शन अपेक्षित नहीं रहा और उसे ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ करारी हार का सामना करना पड़ा। इनमें से आखिरी दो हार घरेलू मैदान पर क्लीन स्वीप के रूप में मिलीं।
इसके बाद विशेषकर टेस्ट टीम के प्रदर्शन को लेकर प्रशंसकों और विशेषज्ञों ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की। हरभजन से जब गंभीर की आक्रामक छवि के पीछे के असली इंसान के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा, ‘गौतम को इतनी आलोचना क्यों झेलनी पड़ रही हैं। मुझे यह बात कभी समझ में नहीं आई कि जब कोई टीम अच्छा प्रदर्शन नहीं करती, तो लोग हमेशा कोच को ही क्यों दोषी ठहराते हैं। गौतम को मैं जितना जानता हूं, वह अपने समय का जोश और जुनून से ओतप्रोत खिलाड़ी था, जो हमेशा टीम को ही प्राथमिकता देता था।’ हरभजन ने याद किया कि जब गंभीर पहली बार टीम में शामिल हुए थे तो वे अंतर्मुखी थे और ड्रेसिंग रूम में सहज होने के बाद ही उन्होंने दोस्तों का एक करीबी ग्रुप बनाया था। उन्होंने कहा, ‘जब गंभीर युवा खिलाड़ी के रूप में टीम में आए थे, तब वह कुछ चुनिंदा खिलाड़ियों से ही बात करते थे और उनके साथ समय बिताते थे।
उन दिनों उनके दोस्त वीरू (वीरेंद्र सहवाग), अमित मिश्रा और मुनाफ पटेल हुआ करते थे। मुझे नहीं पता कि वे अब भी उनके दोस्त हैं या नहीं, लेकिन मुझे लगता है कि वे अब भी दोस्त हैं।’ हरभजन ने गंभीर के व्यवहार का बचाव करने की कोशिश करते हुए कहा, ‘गौतम बहुत बढ़िया बंदा है। वह बहुत स्पष्टवादी है। कई लोगों को लग सकता है कि गौतम कड़वी बातें कहते हैं, लेकिन वह जो कहते हैं वह कड़वा सच होता है। कई लोग सच को पचा नहीं पाते और शायद उनकी बातों का लहजे से लोगों को लगता है कि वह थोड़ा कठोर इंसान हैं।’ लेकिन हरभजन ने कहा कि गंभीर का आकलन धारणाओं के आधार पर करना अनुचित होगा। उन्होंने कहा, ‘किसी को उसके बाहरी रूप से मत आंकिए। वह एक प्रतिभाशाली इंसान हैं। उन्हें खेल खेलने का सही तरीका पता है। मुझे एक बात पक्के तौर पर पता है। अब जब वह कोच हैं, तो वह चाहेंगे कि उनकी टीम सिर्फ एक ही सिद्धांत अपनाए और वह है ‘जीतने के लिए खेलो’।’
हरभजन ने कहा, ‘वह ऐसे इंसान हैं जिन्हें हार से कोई दिक्कत नहीं होगी, बशर्ते मकसद मैच जीतना हो। अगर कोई टीम ड्रॉ के लिए खेलती है तो शायद उन्हें यह मंज़ूर नहीं होगा।’ हरभजन भारत के नए टेस्ट और वनडे कप्तान शुभमन गिल के भविष्य को लेकर भी काफी आशावादी हैं और उन्होंने गिल को देश का नेतृत्व करने के लिए आदर्श खिलाड़ी बताया। हालांकि अब तक के आंकड़े कुछ और ही कहानी बयां करते हैं। गिल की कप्तानी में भारत ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड और इंग्लैंड से वनडे सीरीज हार चुका है, लेकिन हरभजन को विश्वास है कि उन्हें आखिरकार सफलता जरूर मिलेगी। उन्होंने कहा, ‘सफलता रातोंरात नहीं मिलती। हमने देखा कि पिछले साल इंग्लैंड में उन्होंने कप्तान के रूप में कैसे अपनी काबिलियत साबित की (भारत ने सीरीज 2-2 से ड्रॉ की थी)। यह एक कप्तान और बल्लेबाज के रूप में उनकी क्षमताओं का प्रमाण था।’ हरभजन ने कहा, ‘उन्होंने उस सीरीज में सबसे अधिक रन बनाए। मेरी नजर में उनका दर्जा काफी ऊंचा है। उतार-चढ़ाव तो आएंगे ही, लेकिन वह शीर्ष क्रिकेटर हैं और क्रिकेट की गहरी समझ रखते हैं। इसके अलावा वह एक शानदार इंसान हैं और यह बहुत मायने रखता है।’