

मुंबई : पिछले मैच में इटली पर बड़ी जीत से उत्साहित स्कॉटलैंड की टीम नेपाल के खिलाफ मंगलवार को यहां होने वाले T-20 विश्व कप के ग्रुप सी के मैच में जीत के प्रबल दावेदार के रूप में शुरुआत करेगी। मैच भारतीय समयानुसार शाम 7:00 बजे शुरू होगा। इंग्लैंड अगर सोमवार को इटली को हरा देता है तो वह ग्रुप सी में वेस्टइंडीज के बाद ऊपर आठ में जगह बनाने वाली दूसरी टीम बन जाएगी। इससे स्कॉटलैंड बाहर हो जाएगा। नाटकीय परिस्थितियों में प्रतियोगिता में शामिल होने वाला स्कॉटलैंड हालांकि संघर्षरत नेपाल के खिलाफ जीत दर्ज करने के लिए प्रतिबद्ध होगा।
बेहतर नेट रन रेट (0.359) होने के बावजूद स्कॉटलैंड तीसरे स्थान पर है क्योंकि तीन मैचों में उसके केवल दो अंक हैं। इंग्लैंड (-0.143) के तीन मैचों में दो जीत और एक हार के साथ चार अंक हैं। इंग्लैंड और वेस्टइंडीज से करारी हार के बावजूद स्कॉटलैंड ने इटली को 73 रन से हराया। नेपाल की टीम अभी तक अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पाई है और उसके खिलाफ स्कॉटलैंड न केवल अपनी जीत की उम्मीद करेगा बल्कि अपने नेट रन रेट में सुधार करने की भी कोशिश करेगा। लेकिन इससे पहले उसे दुआ करनी होगी कि इटली की टीम इंग्लैंड को उलटफेर का शिकार बना दे।
लेकिन अगर यह T-20 विश्व कप में स्कॉटलैंड की आखिरी मैच साबित होता है तो वे जीत के साथ विदाई लेना चाहेंगे। हालांकि इसके लिए उसे बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में निरंतरता बनाए रखनी होगी। इटली (10 विकेट से) और वेस्टइंडीज (नौ विकेट से) के हाथों मिली करारी हार से नेपाल की प्रतिष्ठा और आत्मविश्वास दोनों को भारी झटका लगा है। इंग्लैंड के खिलाफ प्रेरणादायक शुरुआत करने वाली और पर महज चार रन से हारने वाली नेपाल की टीम की अगले चरण में पहुंचने की संभावना पहले ही खत्म हो गई है और उसकी टीम अब बेखौफ क्रिकेट खेल कर जीत के साथ अंत करने के लिए प्रतिबद्ध होगी।
नेपाल को खेल के हर विभाग में अच्छा प्रदर्शन करना होगा क्योंकि न तो उसके बल्लेबाज और न ही गेंदबाज कोई खास कमाल दिखा पाए हैं। सपाट पिच पर वेस्टइंडीज के खिलाफ दीपेंद्र सिंह ऐरी का अर्धशतक ही एकमात्र राहत की बात थी। नेपाल के बाकी बल्लेबाज सुबह की नमी और कैरेबियाई तेज गेंदबाजों की अनुशासित लाइन और लेंथ के आगे पस्त हो गए। इससे स्पष्ट हो गया कि नेपाल को बड़े टूर्नामेंट में खेलने के लिए विभिन्न परिस्थितियों में अधिक अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने की जरूरत है। उसके विशेषज्ञ बल्लेबाजों में शॉट चयन में अनुशासन की कमी थी और उन्हें इसमें सुधार करना होगा।