न्यूजीलैंड ने भारत में पहली वनडे सीरीज जीती

मिचेल और फिलिप्स के शतक, विराट कोहली का शतक बेकार गया
 न्यूजीलैंड ने भारत में पहली वनडे सीरीज जीती
Atul Yadav
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इंदौर : स्टार बल्लेबाज विराट कोहली (124 रन) का 54वां वनडे शतक भी भारतीय टीम के काम नहीं आ सका जिससे न्यूजीलैंड ने डेरिल मिचेल (137 रन) और ग्लेन फिलिप्स (106 रन) के शतक के बाद गेंदबाजों के शानदार प्रदर्शन से रविवार को यहां तीसरे और अंतिम क्रिकेट मैच में 41 रन की जीत से सीरीज 2-1 से अपने नाम की। न्यूजीलैंड के लिए यह मैच काफी महत्वपूर्ण था क्योंकि उसने 1989 से द्विपक्षीय वनडे मुकाबलों के लिए भारत का दौरा शुरू किया था लेकिन यहां कभी भी सीरीज नहीं जीती थी। इस जीत से उसने 37 साल बाद भारत में सीरीज जीतने का इंतजार खत्म किया। भारत के तेज गेंदबाजों के शुरुआती झटकों के बावजूद न्यूजीलैंड ने मिचेल के लगातार दूसरे शतक और फिलिप्स के तूफानी सैकड़े से आठ विकेट पर 337 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया। कोहली (108 गेंद) का दबाव में खेला गया शानदार और जुझारू शतक भारतीय टीम के काम नहीं आ सका जिससे टीम जवाब में 46 ओवर में 296 रन पर ढेर हो गई। इससे भारत को घरेलू मैदान पर न्यूजीलैंडसे पहली द्विपक्षीय वनडे सीरीज में हार का मुंह देखना पड़ा।

दूसरे छोर पर विकेट गिरते रहे लेकिन कोहली डटे रहे और पारी के अंत में आउट हुए। न्यूजीलैंड के लिए जैकरी फोक्स ने 77 रन देकर तीन और क्रिस्टियन क्लार्क ने 54 रन देकर तीन तीन विकेट झटके। वहीं जेडन लेनोक्स ने 42 रन देकर दो विकेट हासिल किए। मिचेल और फिलिप्स ने चौथे विकेट के लिए 188 गेंद में 219 रन की साझेदारी करके पारी की पूरी तस्वीर बदल दी। मिचेल (131 गेंद, 15 चौके, तीन छक्के) ने संयम और नियंत्रण के साथ पारी को संभाला जबकि फिलिप्स (88 गेंद, नौ चौके, तीन छक्के) ने आक्रामक अंदाज में रन गति बढ़ाई जिससे सतर्क शुरुआत के बाद न्यूजीलैंड की पारी का रूख ही बदल गया। लक्ष्य का पीछा करने उतरे भारत की शुरूआत भी अच्छी नहीं रही और उसने 71 रन पर चार विकेट खो दिए थे। फिर कोहली और नीतिश कुमार रेड्डी (53 रन) ने पांचवें विकेट के लिए 88 गेंद में इतने ही रन की साझेदारी निभाई। कोहली ने लेनोक्स पर एक रन लेकर अर्द्धशतक पूरा किया तो वहीं नीतिश ने ग्लेन फिलिप्स पर काउ कॉर्नर पर छक्का जड़कर अपना अर्द्धशतक पूरा किया।

पर चार गेंद बाद ही क्रिस्टियन क्लार्क की गेंद को पुल करने की कोशिश में यंग को कैच थमा बैठे। वह अपने शॉट से काफी निराश दिख रहे थे क्योंकि भारत को इस भागीदारी की जरूरत थी। रोहित शर्मा (11 रन) ने पारी की पहली ही गेंद पर चौका जड़कर फिर शानदार अंदाज में शुरूआत की। दूसरे छोर पर कप्तान शुभमन गिल भी शॉट लगाकर अच्छी लय में दिख रहे थे। चौथे ओवर में जैकरी फॉक्स पर रोहित ने एक्स्ट्रा कवर पर अपनी पारी का दूसरा चौका लगाया लेकिन अगली गुड लेंथ को जल्दी खेलने के कारण मिडऑन में क्लार्क को कैच देकर आउट हो गए। कोहली अब क्रीज पर थे, उन्होंने फॉक्स पर डीप मिडविकेट पर छक्का लगाकर इरादे जाहिर किए। हालांकि सातवें ओवर में भारत को दूसरा झटका गिल (23 रन) के रूप में लगा जो काइल जैमीसन की गेंद को डिफेंड करने के प्रयास में थे लेकिन यह उनके स्टंप पर जा लगी। श्रेयस अय्यर (03) ओर केएल राहुल (01) के विकेट जल्दी गिर गए। नीतिश कुमार ने कोहली का अच्छा साथ निभाया। उनके जाने के बाद रविंद्र जडेजा (12 रन) बड़ा शॉट लगाने की कोशिश में डीप मिडविकेट पर लपके गए।

जैसे-जैसे रन रेट बढ़ता गया, कोहली ने रोटेट करना जारी रखा और अपना शतक पूरा किया जिस पर इंदौर की भीड़ ने जोरदार तालियां बजाईं। हर्षित राणा की 43 गेंद में 52 रन की छोटी सी पारी ने कुछ समय के लिए उम्मीदें जगाईं, लेकिन जरूरी रन रेट बहुत ज्यादा था। कोहली के आउट होने से स्कोर नौ विकेट पर 292 रन था जिन्हें क्लार्क ने आउअ किया जिससे भारत की हार पक्की हो गई। कुलदीप यादव के आउट होते ही न्यूजीलैंड ने भारतीय सरजमीं ऐतिहासिक जीत का जश्न मनाया। इससे पहले भारत एक समय पूरी तरह हावी था और उसने मेहमान टीम के 58 रन पर तीन विकेट झटक लिए थे। लेकिन मिचेल और फिलिप्स ने संभलकर खेलते हुए पारी को संभाला। बल्लेबाजी का न्योता मिलने के बाद न्यूजीलैंड ने पहले दो ओवर में पांच रन पर पहले दो विकेट गंवा दिए थे जिसमें से हेनरी निकोल्स खाता भी नहीं खोल सके। प्रसिद्ध कृष्णा की जगह टीम में शामिल हुए बाएं हाथ के तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह ने पहले ही ओवर में खूबसूरत गेंद पर निकोल्स (0) को बोल्ड किया।

अर्शदीप (63 रन देकर तीन विकेट) ने ऑफ स्टंप के करीब से गेंद डाली जिससे असमंजस में पड़े निकोल्स ने देर से बल्ला हटाया और गेंद अंदरूनी किनारा लेकर लेग स्टंप से जा टकराई। अर्शदीप और उनके साथी तेज गेंदबाज हर्षित राणा (84 रन देकर तीन विकेट) ने सटीक लेंथ पर गेंद डालते हुए शुरुआती ओवरों में न्यूजीलैंड के बल्लेबाजों को रोके रखा। हर्षित ने फिर डेवोन कॉनवे (05) को लगातार तीसरी बार आउट किया। उनकी बैक ऑफ लेंथ गेंद पर कॉनवे बल्ला छूआकर स्लिप में खड़े रोहित शर्मा को कैच दे बैठे। इससे 10 ओवर में न्यूजीलैंड की टीम महज 47 रन ही बना सकी। विल यंग (30) ने 13वें ओवर में हर्षित की गेंद पर डीप बैकवर्ड प्वाइंट के ऊपर से छक्का लगाकर दबाव कम करने की कोशिश की, लेकिन अपना विकेट गंवा बैठे। यंग ने कट शॉट खेला और बैकवर्ड प्वाइंट पर खड़े रवींद्र जडेजा को आसान कैच दे दिया। इस तरह हर्षित ने यंग और मिचेल के बीच 53 रन की साझेदारी तोड़ी। मिचेल ने बाएं हाथ के कलाई स्पिनर कुलदीप यादव पर शानदार छक्का जड़कर न्यूजीलैंड की वापसी की नींव रखी। कुलदीप ने फिर अपनी लेंथ में बदलाव कर रन गति पर लगाम लगाई।

मिचेल ने इस गेंदबाज पर चौका लगाकर अपना अर्द्धशतक पूरा किया। 34वें ओवर के बाद गेंद नरम होने से शॉट खेलना मुश्किल हो गया लेकिन होलकर स्टेडियम की छोटी बाउंड्री पर बल्लेबाजों ने जोखिम लेना जारी रखा। मिचेल ने नीतिश कुमार रेड्डी पर सपाट छक्का जड़कर तेज खेलना जारी रखा जबकि फिलिप्स ने भी आक्रामक खेलने की कोशिश की। इस दौरान वह आउट होने से बच गए, जब हर्षित कैच लेने के लिए करीब नहीं पहुंच सके। फिलिप्स ने मोहम्मद सिराज (43 रन देकर एक विकेट) को पुल शॉट पर चौका लगाया और अर्शदीप को सीधा छक्का जड़ दिया। मिचेल ने जडेजा की गेंद पर एक रन लेकर अपना शतक पूरा किया जो इस सीरीज में उनका लगातार दूसरा शतक था। फिलिप्स ने भी जडेजा पर छक्का जड़ा और इसी 40वें ओवर में मिचेल ने चौका लगाया जिससे न्यूजीलैंड का स्कोर तीन विकेट पर 237 रन हो गया। भारत ने अंतिम ओवरों में वापसी करते हुए लगातार विकेट झटके। सिराज ने मिचेल की पारी का अंत किया किया जबकि अर्शदीप ने फिलिप्स और जैक फोक्स (10) को पवेलियन भेजा। कुलदीप ने मिचेल हे को पगबाधा आउट किया जिससे न्यूजीलैंड के चार विकेट जल्दी गिर गए। अंत में माइकल ब्रेसवेल (नाबाद 28 रन, एक चौका, तीन छक्के) की तेज पारी की बदौलत न्यूजीलैंड 330 रन का आंकड़ा पार करने में सफल रहा।

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