

मुंबई : मुंबई इंडियंस के मुख्य कोच महेला जयवर्धने ने सूर्यकुमार यादव और हार्दिक पांड्या जैसे प्रमुख खिलाड़ियों के T-20 विश्व कप में खेलने के कारण को लेकर थकान की आशंकाओं को खारिज करते हुए कहा कि टीम लय और आत्मविश्वास हासिल करने पर ध्यान दे रही है। मुंबई इंडियंस की टीम में सूर्यकुमार और हार्दिक के अलावा जसप्रीत बुमराह और तिलक वर्मा पिछले महीने ICC T-20 विश्व कप का खिताब जीतने वाली टीम का हिस्सा थे, जबकि मिचेल सैंटेनर ने इस विश्व कप में न्यूजीलैंड की अगुवाई की थी और अनुभवी क्विंटन डिकॉक दक्षिण अफ्रीका टीम के अहम सदस्य थे। मुंबई इंडियंस को गुरुवार को चेन्नई सुपरकिंग्स के खिलाफ 103 रन की करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा, जो रनों के लिहाज से उसकी सबसे बड़ी हार है। यह टीम की सात मैचों में पांचवीं हार थी।
कप्तान हार्दिक पांड्या ने छह मैचों में केवल तीन विकेट लिए हैं और 97 रन बनाए हैं, जबकि सूर्यकुमार यादव सात मैचों में 156 रन ही बना सके हैं। वहीं, जसप्रीत बुमराह (2 विकेट) और तिलक वर्मा (181 रन) भी एक पारी को छोड़ दे तो खास प्रभाव नहीं छोड़ पाए हैं। जयवर्धने ने मैच के बाद कहा, 'मौजूदा दौर में सभी खिलाड़ी पेशेवर हैं। विश्व कप खेलने वाले कई खिलाड़ी ब्रेक के बाद IPL में लौटे हैं। मुझे नहीं लगता कि खिलाड़ी खुद भी थकान को कारण मानेंगे। हमें लय और निरंतरता हासिल करनी है। यही हमारी सबसे बड़ी कमी रही है। गेंदबाजी में सुधार की जरूरत है, लेकिन बल्लेबाजी भी लगातार अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाई है।' उन्होंने कहा, 'हमें वह संतुलन ढूंढना होगा जहां हम मुकाबला कर सकें। हम अगर अपना सर्वश्रेष्ठ क्रिकेट खेलें तो हमारे पास अच्छा मौका है, लेकिन अगले सात मैचों के लिए आत्मविश्वास, एकाग्रता और अनुशासन जरूरी है।'
इस बीच न्यूजीलैंड के T-20 कप्तान मिचेल सैंटेनर को चोट के बाद स्कैन के लिए भेजा गया। उन्हें डाइव लगाकर कैच लेने के दौरान सिर, गर्दन और कंधे में चोट लगी थी। उनकी जगह कंकशन (चक्कर आना या अचेत होने जैसी स्थिति) सब्स्टीट्यूट के रूप में शार्दुल ठाकुर को बल्लेबाजी के लिए उतारा गया। जयवर्धने ने कहा, 'उसके सिर पर पहले चोट लगी, फिर गर्दन और कंधे पर। मैदान से वापस आने के बाद उसे चक्कर आने लगे, इसलिए उसने स्कैन करवाया।' उन्होंने कहा, 'सैंटेनर ने डगआउट में कंधे के लिए बर्फ रखी थी, लेकिन उसे लगा कि उसकी हालत स्थिर नहीं है, इसलिए हम उसे स्कैन के लिए ले गए।' चेन्नई सुपरकिंग्स की जीत में 17 रन पर चार विकेट लेकर अहम योगदान देने वाले अकील हुसैन ने कहा कि चेहरे पर हाथ रखकर उनके अनोखे जश्न के पीछे कोई खास वजह नहीं है।
हुसैन ने कहा, 'हर खिलाड़ी का अपना एक तरीका होता है। नूर अहमद का एक तरीका है, कुछ फुटबॉल खिलाड़ियों के भी अपने तरीके होते हैं, तो मैंने बस यही चुन लिया। इसके पीछे ज्यादा कुछ नहीं है, यह सिर्फ छोटी-छोटी सफलताओं का जश्न मनाने का तरीका है।' हुसैन ने संजू सैमसन की नाबाद 101 रन की पारी की सराहना करते हुए कहा कि उनकी संयमित बल्लेबाजी ने टीम के लिए मजबूत आधार तैयार किया। उन्होंने कहा, 'एक समय ऐसा लग रहा था कि अगर विकेट गिरते रहे तो बड़ा स्कोर खड़ा करने में नाकाम रहेंगे। हम लगभग 160-170 रन तक ही पहुंचते। ऐसे में संजू का अंत तक टिके रहना और समझदारी से बल्लेबाजी करना बेहद अहम रहा।' हुसैन ने आगे कहा, 'उन्हें पता था कि मुंबई के पास केवल पांच गेंदबाज हैं। उन्हें आखिरी ओवरों में एक ऐसे गेंदबाज का इस्तेमाल करना पड़ा, जिसका शुरू में ज्यादा उपयोग नहीं हुआ था। संजू ने इसका सही आकलन करते हुए अंत में उस नए गेंदबाज पर आक्रमण किया।'