'अभिषेक जैसे खिलाड़ी को कुछ छूट देना जरूरी'

आरोन ने पत्रकारों से कहा, ‘मेरा मानना है कि वह शुरू से ही परिपक्व खिलाड़ी रहे हैं और पिछले कुछ वर्षों में यह बात और भी स्पष्ट हो गई है। परिपक्व हुए बिना आप दुनिया के नंबर एक T-20 बल्लेबाज नहीं बन सकते
'अभिषेक जैसे खिलाड़ी को कुछ छूट देना जरूरी'
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हैदराबाद : सनराइजर्स हैदराबाद के गेंदबाजी कोच वरुण आरोन ने कहा कि अभिषेक शर्मा जैसे ‘ज्यादा जोखिम, ज्यादा इनाम’ की रणनीति पर चलने वाले खिलाड़ी का बीच में खराब प्रदर्शन करना अपरिपक्वता का संकेत नहीं है। आरोन ने कहा कि परिपक्व हुए बिना कोई भी दुनिया का नंबर एक T-20 बल्लेबाज नहीं बन सकता और उनके जैसे असाधारण खिलाड़ी को कुछ छूट मिलनी चाहिए। अभिषेक ने दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ शुरू से लेकर आखिर तक बल्लेबाजी करते हुए 68 गेंद पर नाबाद 135 रन बनाए जिससे उनकी टीम ने यह मैच 47 रन से जीता। इस सलामी बल्लेबाज की T-20 विश्व कप में शुरुआत निराशाजनक रही थी लेकिन इसके बाद उन्होंने लय हासिल कर ली थी।

आरोन ने पत्रकारों से कहा, ‘मेरा मानना है कि वह शुरू से ही परिपक्व खिलाड़ी रहे हैं और पिछले कुछ वर्षों में यह बात और भी स्पष्ट हो गई है। परिपक्व हुए बिना आप दुनिया के नंबर एक T-20 बल्लेबाज नहीं बन सकते। वह विपक्षी टीम के आक्रमण और पिच को देखकर ही अपना खेल खेलते हैं।’ आरोन ने कहा कि अभिषेक ने दिखाया कि उनके पास क्रिकेट की बहुत अच्छी समझ है। उन्होंने शुरू में सावधानी से बल्लेबाजी की और फिर अपने आक्रामक तेवर दिखाए। उन्होंने कहा, ‘यह पिच ऐसी नहीं थी कि आप हर गेंद पर लंबे शॉट लगा सको। आपको विरोधी टीम का सम्मान करना होता है।

आपको पिच का सम्मान करना होता है और अभिषेक ने ऐसा ही किया।’ आरोन ने कहा, ‘जब आप ‘ज्यादा जोखिम, ज्यादा इनाम’ की रणनीति पर चलते हैं तो कभी-कभी यह कारगर साबित नहीं होता है लेकिन आपको अभिषेक जैसे खिलाड़ी को ऐसी छूट देनी पड़ती है।’ युवा तेज गेंदबाज साकिब हुसैन ने दिल्ली कैपिटल्स के बल्लेबाजों को नियंत्रण में रखा और एक विकेट लिया। श्रीलंका के दाएं हाथ के तेज गेंदबाज ईशान मलिंगा ने चार विकेट हासिल किए। आरोन ने इन दोनों की प्रशंसा करते हुए कहा, ‘उनके पास ऐसे कौशल हैं जो उन्हें किसी भी अन्य गेंदबाज से अलग करते हैं।

अगर हम मलिंगा की बात करें, तो वह गेंद को रिवर्स स्विंग कराते हैं। हमने आज 11वें, 12वें ओवर से रिवर्स स्विंग देखी जिससे विपक्षी टीम के लिए मुश्किल हो जाती है क्योंकि सफेद गेंद से आप वास्तव में यह नहीं देख सकते कि चमकदार साइड कौन सी है।’ उन्होंने कहा, ‘साकिब की धीमी गेंद तो कमाल की है। वह धीमी गेंद पर लगभग ऑफ स्पिन जितना ही टर्न हासिल कर लेते हैं। वह यॉर्कर को भी बेहतरीन तरीके से फेंकते हैं और 140 से ज्यादा की रफ्तार से गेंद फेंक सकते हैं।’

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