

नयी दिल्ली : पहले दोनों मैच जीत कर सीरीज में अजेय बढ़त हासिल कर चुकी भारतीय टीम अफगानिस्तान के खिलाफ गुरुवार को यहां होने वाले तीसरे और अंतिम T-20 अंतरराष्ट्रीय मैच में क्लीन स्वीप के इरादे से मैदान पर उतरेगी जिसमें वैभव सूर्यवंशी जैसे प्रतिभाशाली खिलाड़ी को मौका मिल सकता है। भारतीय टीम ने पहले दो मैच में दमदार प्रदर्शन किया और अफगानिस्तान को खेल के हर विभाग में पस्त किया। भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने मंगलवार को दूसरे मैच के बाद कहा कि फिरोजशाह कोटला में होने वाले तीसरे और अंतिम मैच में टीम संयोजन में बदलाव हो सकता है ताकि सभी खिलाड़ियों को 19 सितंबर से शुरू होने वाले एशियाई खेलों के लिए जापान रवाना होने से पहले जरूरी मैच अभ्यास का मौका मिल सके।
अब तक के चयन से यह स्पष्ट हो गया है कि भारत सूर्यवंशी को जगह देने के लिए कोई विशेष प्रयास करने को तैयार नहीं है। सूर्यवंशी ने जुलाई में इंग्लैंड दौरे पर पदार्पण किया था क्योंकि तब संजू सैमसन सर्वश्रेष्ठ फॉर्म में नहीं थे। अब सैमसन और अभिषेक शर्मा दोनों ही अच्छी फॉर्म में हैं। यह दोनों खिलाड़ी एक ही प्रारूप में नियमित रूप से खेलते हैं और इसलिए वह भी विश्राम नहीं लेना चाहेंगे। ऐसे में टीम प्रबंधन को बदलाव का फैसला करना होगा। अय्यर ने कहा, ‘हम चाहते हैं कि सभी खिलाड़ी विकेट और परिस्थितियों से परिचित हो जाएं और अभ्यास भी कर लें। इसलिए यह उन खिलाड़ियों को मौका देने का अच्छा अवसर होगा जो लंबे समय से बाहर हैं।’ ईशान किशन को विश्राम देकर सूर्यवंशी को अंतिम एकादश में शामिल करने का विकल्प भी मौजूद है।
किशन ने राष्ट्रीय टीम में शामिल होने से पहले दलीप ट्रॉफी में पूर्वी क्षेत्र की कप्तानी की थी। सैमसन मौजूदा सीरीज में विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। इसके साथ ही टीम प्रबंधन चाहेगा कि अय्यर और तिलक वर्मा को क्रीज पर कुछ समय बिताने का मौका मिले, क्योंकि शुरुआती दो मैचों में शीर्ष तीन बल्लेबाजों के शानदार प्रदर्शन से बाकी बल्लेबाजों को खेलने का खास मौका नहीं मिला। आलम यह है कि नीतीश कुमार रेड्डी और शिवम दुबे जैसे खिलाड़ियों को अभी तक बल्लेबाजी करने का मौका नहीं मिला है। नीतीश कुमार रेड्डी ने मंगलवार को दूसरे मैच में 24 रन देकर तीन विकेट लिए जो टीम के लिए अच्छा संकेत है। उन्हें चोटिल हार्दिक पांड्या के बैकअप के रूप में देखा जाता है।
चोटिल वरुण चक्रवर्ती की जगह खेल रहे रवि बिश्नोई ने दूसरे मैच अच्छा प्रदर्शन किया और उन्हें एक और मौका दिए जाने की संभावना है। जसप्रीत बुमराह और अर्शदीप सिंह हमेशा की तरह प्रभावशाली रहे। अफगानिस्तान को पावरप्ले में भारत के अनुभवी तेज गेंदबाजों का सामना करने का तरीका ढूंढना होगा। बल्लेबाजी में उनका प्रदर्शन निराशाजनक रहा है और यही वजह है कि वह भारत के सामने कड़ी चुनौती पेश नहीं कर पाया है। अगर अफगानिस्तान को फिर से पहले बल्लेबाजी करने का मौका मिलता है तो उसे भारत को चुनौती देने के लिए कम से कम 200 रन बनाने होंगे। एक और करारी हार के बाद अफगानिस्तान के कप्तान इब्राहिम जादरान ने कहा, ‘हमने इस बारे में बात की कि 150-160 के स्कोर को 200 रन में कैसे तब्दील किया जाए। अगर आप अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सबसे मजबूत टीम को हराना चाहते हैं तो हमारे बल्लेबाजों को अच्छा प्रदर्शन करना होगा।’