India vs Zimbabwe : भारत ने सीरीज जीती

ईशान किशन और तिलक वर्मा की तूफानी अर्द्धशतकीय पारियों के बाद गेंदबाजों की घातक गेंदबाजी से भारत ने हरारे में जिम्बाब्वे को 90 रन से रौंदकर तीन मैचों की T-20 सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त बनाई, हालांकि प्रिंस यादव की चोट ने टीम के चोट प्रबंधन पर सवाल खड़े किए
India vs Zimbabwe :  भारत ने सीरीज जीती
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हरारे : ईशान किशन (81) और तिलक वर्मा (नाबाद 60) की आक्रामक अर्द्धशतकीय पारियों के बाद गेंदबाजों के शानदार प्रदर्शन की बदौलत भारत ने शनिवार को दूसरे T-20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में जिम्बाब्वे को 90 रन से हराकर तीन मैचों की सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त बना ली। जीत के लिए 220 रन का पीछा करने उतरी जिम्बाब्वे की टीम की शुरुआत आक्रामक रही, लेकिन नौ ओवर के भीतर पांच विकेट गंवाने के बाद उसकी हार लगभग तय हो गई। पूरी टीम 17.5 ओवर में 129 रन पर सिमट गई। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए पांच विकेट पर 219 रन बनाए थे।

इस जीत के साथ भारतीय T-20 कप्तान श्रेयस अय्यर ने आयरलैंड (0-2) और इंग्लैंड (0-4) में लगातार दो सीरीजों में मिली हार के बाद पहली बार बतौर कप्तान सीरीज जीत दर्ज की। जिम्बाब्वे की ओर से ब्रायन बेनेट ने 19 गेंदों में 32 रन बनाकर तेज शुरुआत दिलाई। उन्होंने पदार्पण कर रहे तेज गेंदबाज यश ठाकुर पर छक्का और चौका जड़ा, लेकिन अगली ही कोशिश में विकेटकीपर किशन ने उनका कैच लपक लिया। इसके बाद भारतीय गेंदबाजों ने मेजबान बल्लेबाजों को संभलने का कोई मौका नहीं दिया।

रेयन बर्ल (20) और तादिवानाशे मारुमनी (24) कुछ संघर्ष जरूर किया, लेकिन भारतीय आक्रमण के सामने कोई बड़ी साझेदारी नहीं बन सकी। अभिषेक शर्मा ने 17 रन देकर तीन विकेट लिए, जबकि पदार्पण कर रहे यश ठाकुर (30 रन पर दो विकेट) और प्रिंस यादव (10 रन पर दो विकेट) ने दो-दो विकेट झटके। तिलक और शिवम दुबे को एक-एक सफलता मिली।भारत की इस शानदार जीत के बीच प्रिंस यादव की चोट चिंता का विषय रही। मांसपेशियों में खिंचाव के कारण वह गेंदबाजी के दौरान मैदान छोड़कर बाहर चले गए, जिससे टीम के चोट प्रबंधन को लेकर सवाल खड़े हो सकते हैं।

इस जीत की नींव भारत की दमदार बल्लेबाजी ने रखी। पहले बल्लेबाजी का आमंत्रण मिलने पर भारतीय टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही और उसने 29 रन के स्कोर तक अपने दोनों सलामी बल्लेबाजों के विकेट गंवा दिए। ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ किशन ने इसके बाद कप्तान श्रेयस अय्यर (25) के साथ तीसरे विकेट के लिए 66 रन और फिर तिलक के साथ चौथे विकेट के लिए 94 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी कर टीम को संकट से उबारा। किशन ने संयम और आक्रामकता का बेहतरीन संतुलन दिखाते हुए 31 गेंद में अर्द्धशतक पूरा किया और इसके बाद अगली 31 रन केवल 13 गेंद में बनाकर रनगति को तेज कर दिया।

उनकी पारी की खासियत लेग साइड पर लगाए गए दमदार शॉट रहे। उन्होंने ऑफ स्पिनर बेनेट की गेंदों पर मिडविकेट क्षेत्र में लगातार दो चौके जड़े, जबकि तेज गेंदबाज ब्रैड इवांस के ओवर में दो चौके और एक शानदार छक्का लगाकर दबाव बनाया। तिलक ने भी दूसरे छोर से अपनी स्ट्राइक रेट को लेकर उठ रहे सवालों का करारा जवाब दिया। उन्होंने महज 23 गेंदों में अर्द्धशतक पूरा करते हुए आक्रामक बल्लेबाजी की। तिलक ने जिम्बाब्वे के प्रमुख तेज गेंदबाज ब्लेसिंग मुजरबानी के एक ओवर में लगातार तीन चौके लगाए। उन्होंने इवांस की गेंद पर मिडविकेट के ऊपर शानदार छक्का भी जड़ा।

भारतीय बल्लेबाजों ने अंतिम पांच ओवरों में 61 रन जोड़कर टीम को 219 रन के मजबूत स्कोर तक पहुंचाया। इससे पहले भारत को शुरुआती झटके अभिषेक शर्मा (आठ) और वैभव सूर्यवंशी (20) के रूप में लगे। अभिषेक मुजरबानी की गेंद पर आसान कैच थमा बैठे। वहीं वैभव सूर्यवंशी ने रिचर्ड नगरावा के एक ओवर में एक छक्का और तीन चौके लगाकर आक्रमक शुरुआत की लेकिन वह नौ गेंद में 20 रन बनाकर नगरावा की बाउंसर पर आउट हो गये। इन शुरुआती सफलताओं के बाद जिम्बाब्वे के गेंदबाज भारतीय बल्लेबाजों पर दबाव नहीं बना सकें और किशन तथा तिलक की शानदार बल्लेबाजी ने भारत को चुनौतीपूर्ण स्कोर तक पहुंचा दिया।

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