

मैनचेस्टर : पंद्रह साल के वैभव सूर्यवंशी का बहुप्रतीक्षित अंतरराष्ट्रीय पदार्पण उम्मीदों के अनुरूप नहीं रहा, लेकिन तिलक वर्मा की आखिरी ओवर में खेली गई विस्फोटक पारी की बदौलत भारत ने शनिवार को दूसरे T-20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में इंग्लैंड के खिलाफ 20 ओवर में सात विकेट पर 190 रन का चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया। पारी के अंतिम ओवरों में तिलक वर्मा ने 11 गेंद में नाबाद 24 रन बनाये। उन्होंने आखिरी ओवर में जोफ्रा आर्चर के खिलाफ 17 रन बटोरे और भारत को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया।
बादलों से घिरे और तेज हवा वाले मौसम में बल्लेबाजी करना आसान नहीं था। इस मुकाबले में सभी की निगाहें 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी पर थीं, जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण कर लगभग 37 वर्ष पुराना सचिन तेंदुलकर का सबसे कम उम्र में भारत के लिए खेलने का रिकॉर्ड तोड़ा। हालांकि उनकी पहली पारी ज्यादा लंबी नहीं चली। उन्होंने 10 गेंदों में दो छक्कों की मदद से 14 रन बनाए, लेकिन ऑफ स्पिनर विल जैक्स की गेंद पर आगे बढ़कर खेलने के प्रयास में जोस बटलर ने उन्हें स्टंप कर दिया।
सूर्यवंशी को शुरुआत में अतिरिक्त उछाल से जूझना पड़ा, लेकिन उन्होंने जोफ्रा आर्चर की तेज गेंद पर शानदार व्हिप-स्कूप लगाकर छह रन बटोरे। इसके बाद जोश टंग की गेंद पर भी उन्होंने लॉन्ग-ऑन के ऊपर से आकर्षक छक्का लगाया। हालांकि इंग्लैंड के कप्तान हैरी ब्रूक ने समय रहते विल जैक्स को गेंदबाजी पर लगाया और उनकी धीमी, हवा में लहराती ऑफ ब्रेक पर सूर्यवंशी चकमा खा गए। अभिषेक शर्मा ने 24 गेंद में 43 रन, कप्तान श्रेयस अय्यर ने 22 गेंद में 37 रन और इशान किशन ने 43 गेंद में 49 रन बनाए, लेकिन तीनों बल्लेबाज पूरी तरह सहज नहीं दिखे। किशन ने इस दौरान तेजी से रन बनाने में सबसे ज्यादा संघर्ष किया।
इंग्लैंड के गेंदबाजों ने परिस्थितियों का शानदार उपयोग किया। जोफ्रा आर्चर की रफ्तार और अतिरिक्त उछाल ने शुरुआती ओवरों में भारतीय बल्लेबाजों को परेशान किया, जबकि सैम कुरन ने गति में लगातार बदलाव और धीमी गेंद के दम पर मध्य ओवरों में दबाव बनाए रखा।कुरन ने चार ओवर में 33 रन देकर तीन विकेट लिए। विल जैक्स ने तीन ओवर में 22 रन देकर एक विकेट हासिल किया, जबकि बाएं हाथ के स्पिनर लियाम डॉसन ने तीन ओवर में 27 रन देकर एक सफलता हासिल की। अनुभवी लेग स्पिनर आदिल रशीद ने दो ओवर में 21 रन दिए।
अभिषेक शर्मा शुरुआत में काफी संघर्ष करते दिखे और अपनी पहली 12 गेंद में लगभग 10 बार चूक गए। हालांकि उन्होंने बाद में कम गति वाले गेंदबाजों के खिलाफ लय हासिल की और शानदार स्ट्रोक लगाए। वह कुरन की फुलटॉस गेंद को मिडविकेट पर खड़े टॉम बैंटन के हाथों में खेल गये। अय्यर और किशन ने तीसरे विकेट के लिए 65 रन की साझेदारी कर पारी को संभाला। अय्यर ने पैरों का अच्छा इस्तेमाल किया, लेकिन ओल्ड ट्रैफर्ड मैदान की बड़ी बाउंड्री के कारण चौके-छक्के लगाना आसान नहीं था। इंग्लैंड के गेंदबाजों ने बीच के ओवरों में लगातार दबाव बनाए रखा, जिसके कारण भारतीय बल्लेबाज खुलकर रन नहीं बना सके।