ग्लेन फिलिप्स ने बतायी टीम के हार की वजह

गुजरात टाइटंस अब दूसरे क्वालीफायर में खेलेगी। RCB के कप्तान रजत पाटीदार की 93 रनों की तूफानी नाबाद पारी की बदौलत RCB ने पांच विकेट पर 254 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया था।
ग्लेन फिलिप्स ने बतायी टीम के हार की वजह
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धर्मशाला : गुजरात टाइटंस के बल्लेबाज ग्लेन फिलिप्स ने स्वीकार किया कि स्कोरबोर्ड के दबाव और खराब क्षेत्ररक्षण के कारण इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के पहले क्वालीफायर में उनकी टीम को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू (RCB) के हाथों 92 रनों की करारी हार झेलनी पड़ी, लेकिन उन्होंने कहा कि टीम एलिमिनेटर से पहले इस हार को भुलाकर आगे बढ़ जाएगी। गुजरात टाइटंस अब दूसरे क्वालीफायर में खेलेगी। RCB के कप्तान रजत पाटीदार की 93 रनों की तूफानी नाबाद पारी की बदौलत RCB ने पांच विकेट पर 254 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया था। इस बड़े लक्ष्य का पीछा करते हुए गुजरात टाइटंस का शीर्ष क्रम दबाव का सामना करने में नाकाम रहा जिससे टीम 162 रन पर ही आलऑउट हो गई।

फिलिप्स मंगलवार को हुए इस मैच में नहीं खेले थे, उन्होंने कहा कि RCB के गेंदबाजों द्वारा शुरुआती झटके दिए जाने के बाद लक्ष्य का पीछा करना और भी मुश्किल हो गया था। उन्होंने कहा, ‘250 रन का लक्ष्य किसी भी दिन मुश्किल होता है, खासकर तब जब सब कुछ आपके पक्ष में नहीं जा रहा हो। जब आप 250 रन का पीछा करने की कोशिश कर रहे होते हैं तो स्कोरबोर्ड का बहुत ज्यादा दबाव होता है और बहुत कम टीमें ही ऐसा कर पाई हैं।’ फिलिप्स ने कहा, ‘हम मैदान पर उतरे और हमने अपना सब कुछ झोंक दिया।

लेकिन जब आप 250 रन का पीछा करने की कोशिश कर रहे होते हैं तो सब कुछ सही होना चाहिए और इस बार ऐसा नहीं हुआ।’ पहली पारी में इतना विशाल स्कोर बनने के बावजूद बल्लेबाजी के लिए पिच इतनी भी मुश्किल नहीं थी। उन्होंने कहा, ‘इस पिच पर रजत और RCB के कुछ अन्य बल्लेबाजों ने खूब रन बनाए। लेकिन जैसा कि राहुल तेवतिया ने भी दिखाया, दूसरी पारी में भी बल्लेबाजी के लिए यह पिच काफी अच्छी थी।’ न्यूजीलैंड के इस खिलाड़ी ने गुजरात टाइटंस के खराब क्षेत्ररक्षण को भी इस मुकाबले का एक अहम कारण बताया। इसमें पाटीदार का 20 रन पर कैच छोड़ना भी शामिल था।

उन्होंने कहा, ‘प्लेऑफ मैचों में क्षेत्ररक्षण बहुत अहम हो जाता है। आप अच्छी गेंदबाजी और अच्छी बल्लेबाजी कर सकते हैं, लेकिन अगर आपका क्षेत्ररक्षण खराब रहा, तो आप मैच हार ही जाएंगे। आज रजत का कैच छोड़कर इसकी भारी कीमत चुकाई। अगर आप कैच नहीं पकड़ पाते, तो आप मैच नहीं जीत सकते।’ इतनी बुरी हार के बावजूद फिलिप्स ने कहा कि गुजरात टाइटंस खुशकिस्मत है कि उसे प्लेऑफ प्रारूप के जरिए एक और मौका मिला है और उन्होंने टीम का हौसला बढ़ाया कि वे जल्दी ही वापसी कर लेंगे।

उन्होंने कहा, ‘कभी-कभी इस तरह की हार से उबरना शायद ज्यादा आसान होता है। अगर आप एक या दो रन से हारते हैं तो आप किसी एक पल के बारे में सोचते रहते हैं कि काश ऐसा हो जाता या वैसा हो जाता।’ फिलिप्स ने कहा, ‘लेकिन जब आप जीत के आस-पास भी नहीं होते, तो आप बस यही कह सकते हैं, ‘आज हमारा दिन ही नहीं था’। इसका मतलब यह नहीं है कि अगले मैच में भी हमारा दिन नहीं होगा।’

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