

लखनऊ : भारतीय टीम के पूर्व मुख्य कोच और कमेंटेटर रवि शास्त्री को लगता है कि चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) ने लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) से मिली सात विकेट की हार से कुछ कड़े सबक सीखे होंगे और उम्मीद जताई कि पांच बार की चैंपियन टीम अपने बाकी बचे दो मैच जीतकर IPL के प्लेऑफ में जगह बनाने की दौड़ में बनी रहेगी। LSG ने 188 रन के लक्ष्य को आसानी से हासिल करके CSK की प्लेऑफ में जगह बनाने की उम्मीदों को करारा झटका दिया। CSK को आगे बढ़ने के लिए अब अपने बाकी बचे दोनों मैच जीतने होंगे और अन्य टीम के परिणाम पर भी निर्भर रहना होगा।
शास्त्री ने कहा, ‘मुझे लगता है कि इस विकेट पर रन बनाना आसान नहीं था और पहले बल्लेबाजी करने के बावजूद उन्होंने 187 रन बनाए। संजू सैमसन ने रन नहीं बनाए, रुतुराज गायकवाड़ ने भी खास योगदान नहीं दिया। इसलिए अगर वे (आगामी मैचों में) फॉर्म में आ जाते हैं तो यह CSK के लिए महत्वपूर्ण होगा।’ उन्होंने कहा, ‘CSK के गेंदबाजों को यह सीख मिली होगी कि इस तरह की परिस्थितियों में उन्हें किस लेंथ पर गेंदबाजी करनी है। वे चेन्नई की परिस्थितियों से अच्छी तरह से अवगत हैं और उन्हें पता है कि वहां किस लेंथ पर गेंदबाजी करनी है। वे अपने मैदान पर अधिक कारगर साबित होंगे।
इसलिए मुझे लगता है कि यह उनके लिए एक खराब दिन की तरह था और उन्होंने इससे कई सबक लिए होंगे।’ अंशुल कंबोज ने 2.4 ओवर में 63 रन लुटाए, जिससे CSK को लक्ष्य बचाने के लिए संघर्ष करना पड़ा, हालांकि पिच बल्लेबाजी के लिए पूरी तरह से अनुकूल नहीं थी और तेज गेंदबाजों को मदद मिल रही थी। मिचेल मार्श ने कंबोज पर लगातार चार छक्के लगाए। शास्त्री ने कहा, ‘मेरा मानना है कि चार छक्के खाने के बाद अंशुल कंबोज को यॉर्कर करने के बारे में सोचना चाहिए था।
जब आपको पता हो कि मार्श शॉर्ट लेंथ गेंद का इंतजार कर रहा है, तो फिर या तो स्टंप्स को निशाना बनाकर यॉर्कर फेंकें या अगर आप बाउंसर करना चाहते हैं तो डीप थर्ड मैन पर क्षेत्ररक्षक लगाकर उसे ऑफ स्टंप के बाहर फेंकें।’ शास्त्री ने कहा, ‘अपनी पीठ झुकाकर गेंद को छाती या कमर की ऊंचाई पर नहीं बल्कि सिर की ऊंचाई के करीब करना चाहिए था क्योंकि जो खिलाड़ी (मार्श) पर्थ में खेलते हुए बड़ा हुआ हो उसके लिए यही सबसे आसान तरीका है।’ उन्होंने कहा, ‘अगर कंबोज की गेंदों पर चार छक्के न लगे होते, तो वह इससे सबक नहीं सीख पाता। हर कोई गलती करता है, लेकिन उनसे कोई क्या सीख लेता है यह महत्वपूर्ण होता है।’