

बेंगलुरू : शानदार फॉर्म में चल रहे देवदत्त पडिक्कल ने कहा कि कर्नाटक क्रिकेट टीम की कप्तानी करने और कुछ रणनीतिक बदलाव के कारण उन्हें एक संपूर्ण T-20 बल्लेबाज बनने में मदद मिली। पडिक्कल इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू (RCB) की तरफ से अर्द्धशतक जमाकर उसकी गुजरात टाइटंस के खिलाफ जीत में अहम भूमिका निभाई थी। उन्होंने मैच के बाद पत्रकारों से कहा, ‘निश्चित तौर पर मुझे लगता है कि कप्तान बनने से मुझे खेल के प्रति एक अलग दृष्टिकोण मिला है। इससे मुझे इस बारे में बहुत अधिक सोचने का मौका मिला कि एक गेंदबाज कैसे सोचता है, मैदान पर कप्तान कैसे सोचते हैं, और वे क्या करने की कोशिश कर सकते हैं।’
पडिक्कल ने कहा, ‘इससे मुझे अपने खेल के कुछ पहलुओं को बेहतर करने और परिस्थितियों के अनुसार खेलने में मदद मिली। इससे मुझे अपनी स्थिति समझने और उसके अनुसार खेलने में मदद मिली। इसलिए निश्चित रूप से मुझे लगता है कि कर्नाटक का कप्तान बनने से मुझे फायदा मिला।’ पडिक्कल ने RCB के सीनियर बल्लेबाज विराट कोहली की जमकर तारीफ की और क्रिकेट में लगभग सब कुछ हासिल करने के बावजूद उनके जोश और लगन की सराहना की। उन्होंने कहा, ‘मुझे उनकी जो सबसे बात लगती है वह उनकी ऊर्जा और प्रत्येक अभ्यास क्षेत्र में उनका जोश है। उन्होंने इस खेल में काफी कुछ हासिल कर लिया है बावजूद वह प्रत्येक अभ्यास सत्र और प्रत्येक मैच में अपना शत प्रतिशत योगदान देते हैं।
इस तरह की प्रतिबद्धता बहुत कम खिलाड़ियों में देखने को मिलती है।’ पडिक्कल ने कहा, ‘जब आप किसी को खेल के प्रति इतना समर्पित और जुनूनी देखते हैं तो उसका प्रभाव टीम के हर सदस्य पर पड़ता है। इसलिए मुझे लगता है कि उनकी ऊर्जा टीम से टीम के प्रत्येक सदस्य को मदद मिलती है।’ उन्होंने बताया कि लाल गेंद से T-20 क्रिकेट में बदलाव के दौरान किए गए तकनीकी समायोजन ने उनके प्रदर्शन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। पडिक्कल ने बताया, ‘अगर आप मेरी रणजी ट्रॉफी की बल्लेबाजी की तुलना IPL की बल्लेबाजी से करें, तो आपको बदलाव साफ नजर आएंगे। लेकिन मेरा आत्मविश्वास और भरोसा अब भी पहले जैसा ही है।’