Asian Games 2026 : जापान से कड़ी चुनौती मिल सकती है भारत को

पुरुष व महिला टीम इवेंट में भारत की नज़र रजत को स्वर्ण में बदलने और नए पदक इतिहास रचने पर, लेकिन क्वार्टरफाइनल में जापान की मजबूत चुनौती सबसे बड़ी परीक्षा बनेगी
Chirag- Satvik
फाइल फोटो : चिराग-सात्विक
Published on

नागोया : पिछले एशियाई खेलों में रजत पदक जीतने वाली भारतीय पुरुष बैडमिंटन टीम रविवार को यहां अपने अभियान की शुरुआत बांग्लादेश की खिलाफ करेगी जबकि महिला टीम कजाकिस्तान से भिड़ेगी। टीम प्रतियोगिता के बाद 25 सितंबर से व्यक्तिगत स्पर्धाएं होंगी। भारत को 2023 में हांगझोऊ में सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी ने पुरुष युगल में स्वर्ण पदक दिलाया था। इसके अलावा भारत ने पुरुष टीम स्पर्धा में रजत और पुरुष एकल में एचएस प्रणय के शानदार प्रदर्शन से कांस्य पदक भी जीता था। भारतीय पुरुष टीम रजत पदक को स्वर्ण पदक में बदलने का लक्ष्य रखेगी, जबकि महिला टीम 2014 में इंचियोन में कांस्य पदक जीतने के बाद दूसरा टीम पदक हासिल करने की कोशिश करेगी।

भारत को बांग्लादेश के खिलाफ जीत हासिल करने में किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए, लेकिन क्वार्टरफाइनल में उसका सामना जापान से हो सकता है। इस दौर में लक्ष्य सेन का सामना कोडाई नाराओका से हो सकता है, जिन्होंने पिछले महीने नयी दिल्ली में आयोजित विश्व चैंपियनशिप में अपना दूसरा रजत पदक जीता था। विश्व के 20वें नंबर के खिलाड़ी आयुष शेट्टी का सामना स्विस ओपन विजेता और विश्व के 18वें नंबर के खिलाड़ी युशी तनाका से हो सकता है, जबकि सात्विक-चिराग का सामना ताकुरो होकी और युगो कोबायाशी से हो सकता है। भारत के लिए इस चुनौती से पार पाना आसान नहीं होगा।

लक्ष्य अभी भी भारत के सर्वोच्च रैंकिंग वाले पुरुष एकल खिलाड़ी हैं, लेकिन मार्च में ऑल इंग्लैंड चैंपियनशिप में उपविजेता रहने के बाद से उनका प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा है। उन्हें विश्व चैंपियनशिप और चीन मास्टर्स के पहले ही दौर में हार का सामना करना पड़ा। भारत के ड्रॉ वाले हिस्से में चीन और कोरिया भी शामिल हैं, जिसका मतलब है कि सेमीफाइनल में उसका इनमें से किसी भी टीम से मुकाबला हो सकता है। दूसरे हिस्से में मलेशिया, इंडोनेशिया, थाईलैंड और चीनी ताइपे हैं। भारत की तरफ से तीसरे एकल की जिम्मेदारी किदाम्बी श्रीकांत पर आ सकती है।

प्रणय भी हाल में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाने के बावजूद भारत के लिए एक महत्वपूर्ण विकल्प बने हुए हैं। महिलाओं के वर्ग में भारत का पहला मुकाबला कजाकिस्तान से होगा और क्वार्टरफाइनल में उसका सामना दूसरी वरीयता प्राप्त जापान से हो सकता है। उस मुकाबले में पीवी सिंधु का सामना तीन बार की विश्व चैंपियन अकाने यामागुची से जबकि उन्नति हुडा का सामना 20 वर्षीय टोमोका मियाजाकी से हो सकता है।

पिछले महीने विश्व चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतने वाली तृषा जॉली और गायत्री गोपीचंद की महिला युगल जोड़ी का सामना जापान की युकी फुकुशिमा और मायु मात्सुमोतो से हो सकता है। विश्व चैंपियनशिप में मिली शानदार सफलता के बाद यह भारतीय जोड़ी व्यक्तिगत स्पर्धा में भी पदक की प्रबल दावेदार बनकर उभरी है। सभी की निगाहें सिंधु के प्रदर्शन पर टिकी रहेगी। वह जुलाई में जापान ओपन सुपर 750 में अपने शानदार प्रदर्शन को बरकरार रखने की कोशिश करेंगी। अगर महिला टीम जापान को हराने में सफल रहती है, तो सेमीफाइनल में उसका सामना कोरिया से हो सकता है।

सन्मार्ग को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं →
logo
Sanmarg Hindi daily
sanmarg.in