

नई दिल्ली : भारत की समृद्ध हथकरघा परंपरा और बुनकरों की उत्कृष्ट कारीगरी को एक मंच पर प्रस्तुत करने के लिए नई दिल्ली में ‘वीव्स ऑफ इंडिया’ महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। कपड़ा मंत्रालय के तहत विकास आयुक्त (हथकरघा) का कार्यालय यह महोत्सव 12वें राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर आयोजित कर रहा है।
जनपथ स्थित सेंट्रल कॉटेज इंडस्ट्रीज एम्पोरियम (CCIE) में आयोजित यह महोत्सव 24 जुलाई से 7 अगस्त 2026 तक आम लोगों के लिए खुला रहेगा। महोत्सव में देशभर की 116 पारंपरिक बुनाई शैलियों पर आधारित हस्तनिर्मित वस्त्र और परिधान प्रदर्शित किए गए हैं। इनमें बनारसी, जामदानी, कांचीपुरम सिल्क, संबलपुरी इकत, पैठणी, कानी पश्मीना, बावन बूटी, कोटपाड, इलकल, कासरगोड, हिम्रू और रिषा जैसी विशिष्ट बुनाई परंपराएं शामिल हैं।
ओडिशा, आंध्र प्रदेश, उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु, मणिपुर, छत्तीसगढ़, बिहार, तेलंगाना, गुजरात, जम्मू-कश्मीर और त्रिपुरा समेत कई राज्यों की हथकरघा विरासत को इस आयोजन में प्रमुखता से प्रदर्शित किया गया है।
महोत्सव का उद्देश्य केवल हथकरघा उत्पादों का प्रदर्शन करना ही नहीं, बल्कि बुनकरों, डिजाइनरों, शोधकर्ताओं, खरीदारों और उपभोक्ताओं के बीच संवाद को बढ़ावा देना भी है। इसके जरिए हस्तनिर्मित और टिकाऊ वस्त्रों के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा स्थानीय बुनकरों को प्रोत्साहित करने का प्रयास किया जा रहा है।
सरकार के अनुसार, ‘वीव्स ऑफ इंडिया’ जैसी पहलें देश की पारंपरिक बुनाई शैलियों के संरक्षण, डिजाइन नवाचार और बाजार विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।