वंदे भारत स्लीपरः 2.5 घंटे छोटा हुआ हावड़ा–कामाख्या सफर

वंदे भारत स्लीपर ट्रेन हावड़ा (पश्चिम बंगाल) से कामाख्या/गुवाहाटी (असम) के बीच चलेगी और रात में चलने वाली प्रीमियम सेवा के तौर पर काम करेगी।
वंदे भारत स्लीपरः 2.5 घंटे छोटा हुआ हावड़ा–कामाख्या सफर
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अंजलि भाटिया

नई दिल्लीः भारतीय रेलवे ने लंबी दूरी की रात की रेल यात्रा को नया रूप देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को हरी झंडी दिखा दी। यह ट्रेन हावड़ा (पश्चिम बंगाल) से कामाख्या/गुवाहाटी (असम) के बीच चलेगी और रात में चलने वाली प्रीमियम सेवा के तौर पर काम करेगी।

प्रधानमंत्री ने ट्रेन को मालदा टाउन से रवाना किया, जबकि वापसी की गुवाहाटी–हावड़ा स्लीपर वंदे भारत को वर्चुअल रूप से हरी झंडी दिखाई। रेलवे के मुताबिक, यह ट्रेन पूर्वोत्तर भारत को देश के अन्य हिस्सों से तेज़, सुरक्षित और आरामदायक रेल कनेक्टिविटी देगी।

रेलवे अधिकारी ने बताया कि पूरी तरह से वातानुकूलित वंदे भारत स्लीपर ट्रेन यात्रियों को कम किराए में हवाई यात्रा जैसा अनुभव देगी। इसके शुरू होने से हावड़ा–कामाख्या मार्ग पर सफर करीब 2.5 घंटे कम हो जाएगा। इससे व्यापार, आवागमन के साथ-साथ धार्मिक और पर्यटन यात्रा को भी बढ़ावा मिलेगा।

कहां-कहां ठहराव

हावड़ा–कामाख्या (गुवाहाटी) वंदे भारत स्लीपर शाम 6:20 बजे हावड़ा से रवाना होगी और अगले दिन सुबह 8:20 बजे कामाख्या पहुंचेगी। यह ट्रेन केवल 14 घंटे में यात्रा पूरी करेगी, जिससे यह इस रूट की सबसे तेज़ ट्रेन बन गई है।

रास्ते में यह ट्रेन बंडेल जंक्शन, नवद्वीप धाम, कटवा जंक्शन, अजीमगंज, न्यू फरक्का जंक्शन, मालदा टाउन, आलुआबाड़ी रोड, न्यू जलपाईगुड़ी, जलपाईगुड़ी रोड, न्यू कूचबिहार, न्यू अलीपुरद्वार, न्यू बोंगाईगांव और रंगिया में रुकेगी। इनमें से अधिकतर स्टेशनों पर ठहराव 2 मिनट का होगा, जबकि न्यू जलपाईगुड़ी (10 मिनट), मालदा टाउन (10 मिनट) और अजीमगंज (5 मिनट) पर अधिक ठहराव रहेगा। वापसी दिशा में, ट्रेन संख्या 27576 वंदे भारत स्लीपर शाम 6:15 बजे हावड़ा से रवाना होगी और सुबह 8:15 बजे कामाख्या पहुंचेगी।

यह ट्रेन सप्ताह में छह दिन चलेगी। कामाख्या से चलने वाली ट्रेन बुधवार को नहीं चलेगी और हावड़ा से चलने वाली ट्रेन गुरुवार को नहीं चलेगी।

कन्फर्म टिकट का प्रावधान

वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें न वेटिंग टिकट होगा, न कोई कोटा। यात्रियों को कन्फर्म सीट मिलेगी। टिकट पर कम से कम 400 किमी का किराया अनिवार्य होगा।यह व्यवस्था ट्रेन को पूरी तरह प्रीमियम सेवा बनाती

वंदे भारत स्लीपर को 180 किमी प्रति घंटा की अधिकतम गति के लिए तैयार किया गया है। हालांकि मौजूदा ट्रैक और परिचालन स्थितियों को देखते हुए इसका नियमित संचालन 120 से 130 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से किया जाएगा।

रात की यात्रा के लिए खास स्लीपर डिजाइन तैयार किया गया है। एर्गोनॉमिक स्लीपर बर्थ, जिससे लंबी रात की यात्रा में थकान कम हो। विश्वस्तरीय सस्पेंशन सिस्टम, जो झटकों को काफी हद तक कम करता है। पूरी तरह एसी कोच, ताकि मौसम का असर न पड़े। रेलवे अधिकारी का कहना है कि यह ट्रेन पारंपरिक स्लीपर ट्रेनों से कहीं ज्यादा आरामदायक होगी। स्वच्छता पर खास फोकस किया गया है।

ट्रेन में आधुनिक टॉयलेट

ट्रेन में उन्नत डिसइंफेक्टेंट तकनीक का इस्तेमाल किया गया है, जो 99% तक जर्म्स खत्म करने में सक्षम है। यात्रियों को हर सफर में नई और साफ चादरें व तौलिए दिए जाएंगे। ट्रेनों में एयरक्राफ्ट-स्टाइल बायो-वैक्यूम टॉयलेट, दिव्यांग यात्रियों के लिए विशेष सुविधाएं, बेबी केयर यूनिट और फर्स्ट क्लास कोच में हॉट वॉटर शॉवर भी दिए गए हैं।

यात्रियों की सुरक्षा के लिए ट्रेन में स्वदेशी ‘कवच’ ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम लगाया गया है। इसके साथ ही पूरे ट्रेन में ऑनबोर्ड सर्विलांस सिस्टम मौजूद रहेगा।

रेलवे अधिकारी ने बताया चलती ट्रेन में नहीं खुलेंगे ट्रेन के दरवाजे, यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ट्रेन में ऑटोमैटिक स्लाइडिंग दरवाजे लगाए गए हैं। ये दरवाजे केवल स्टेशन पर रुकने के बाद ही खुलेंगे।

कितना है किराया

वंदे भारत स्लीपर में प्रीमियम कैटरिंग सेवा (खाना) टिकट किराए में शामिल होगी। और यात्रियों को खाने में मिलेगा स्थानीय स्वाद

कामाख्या से हावड़ा: यात्रियों को असमिया व्यंजन

हावड़ा से कामाख्या: यात्रियों को बंगाली भोजन

इस ट्रेन का एकतरफा किराया

3AC: ₹2,300

2AC: ₹3,000

1AC: ₹3,600

वंदे भारत स्लीपर को रेलवे के आधुनिकीकरण और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। इसी योजना के तहत रेलवे ने तय किया है कि 2030 तक 800 ट्रेन 2047 तक करीब 4,500 वंदे भारत ट्रेन देशभर में संचालित किए जाएंगे।

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