

नई दिल्लीः बांग्लादेश में हिंदुओं की हत्या का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। छोटी-छोटी बातों पर हिंदुओं को मौत के घाट उतार दिया जा रहा है। एक बार फिर से बांग्लादेश के कालीगंज इलाके में एक हिंदु दुकानदार की पीट-पीट कर हत्या कर दी गई है।
कट्टरपंथी जेहादियों के उन्माद के शिकार लिटन चंद्र दास नामक एक दुकानदार बने हैं। जानकारी के मुताबिक शनिवार की सुबह उनकी दुकान के स्टाफ अनंत दास से एक कस्टमर की कोई बात को लेकर बहस हुई थी। लेकिन यह बहस धीरे-धीरे बड़ी हो गयी। कस्टमर के साथ कुछ और लोग भी वहां आ गये। अपने स्टाफ के बीच-बचाव के लिए दुकान मालिक लिटन दास जब आगे आये तो जेहादियों ने उनको पीटना शुरू कर दिया। लोगों ने मिलकर उन पर हमला कर दिया। फावड़ा से उनपर प्रहार किया है। घटनास्थल पर लिटन की मौत हो गयी।
हालांकि पड़ोस के लोगों ने उन्हें बचाने की कोशिश की लेकिन तबतक देर हो चुकी थी। खबर पाकर पुलिस भी पहुंची और भीड़ को तितर-बितर किया। पुलिस ने इस मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार भी किया है। पुलिस ने लिटन दास के शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। लेकिन घटना को लेकर इलाके में तनाव है। पीड़ित परिवार और हिंदुओं में डर भय समा गया है। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से मामले की जांच कर सभी दोषियों को गिरफ्तार करने की मांग की है।
दिसंबर से लेकर अब तक कई हिंदुओं की हत्या
गौरतलब है कि दिसंबर में छात्र नेता उस्मान हादी की हत्या के बाद से बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ लगातार जुल्म हो रहा है। सबसे पहले 18 दिसंबर को एक उन्मादी भीड़ ने एक कारखाने में काम करने वाले 27 साल के दीपू चंद्र दास की पीट-पीट कर हत्या कर दी थी और फिर उसके शव को चौहरे पर एक पेड़ से टांग कर जला दिया गया था। दीपू पर ईशनिंदा का आरोप लगाया था। पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी समेत 21 लोगों को गिरफ्तार किया है। लेकिन दीपू की हत्या के बाद से बांग्लादेश में अब तक करीब 8 हिंदुओं की हत्यी की जा चुकी है। बांग्लादेश में नये सिरे से हिंदुओं को निशाना बनाया जा रहा है। भारत ने इस संबंध में बांग्लादेश सरकार को चेतावनी भी दी है। यहां तक दो दिनों पहले अमेरिका ने भी बांग्लादेश सरकार को हिंदुओं के खिलाफ हमले रोकने को कहा था।