

नयी दिल्ली : भारत-ब्रिटेन व्यापार संबंधों को मजबूत करने में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए ब्रिटिश सरकार ने टाटा समूह के चेयरमैन नटराजन चंद्रशेखरन को मानद ‘नाइटहुड’ से सम्मानित किया है। ब्रिटिश उच्चायुक्त के आवास पर बुधवार रात उन्हें ‘नाइट कमांडर ऑफ द मोस्ट एक्सीलेंट ऑर्डर ऑफ द ब्रिटिश एम्पायर (केबीई)’ की उपाधि प्रदान की गई। यह ब्रिटेन का एक प्रतिष्ठित सर्वोच्च नागरिक सम्मान है, जो विदेशी नागरिकों को उनकी असाधारण सेवाओं के लिए दिया जाता है। ब्रिटिश उच्चायोग ने कहा, टाटा समूह, ब्रिटेन में लंबे समय से निवेश करता आया है। यह निवेश मोटर वाहन, इस्पात, प्रौद्योगिकी और उपभोक्ता क्षेत्रों तक फैला है। यह ब्रिटेन में रोजगार, उन्नत विनिर्माण एवं स्वच्छ प्रौद्योगिकियों की ओर बदलाव को समर्थन देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
असाधारण योगदान : टाटा समूह के चेयरमैन के रूप में उन्होंने भारत-ब्रिटेन व्यापार संबंधों को मजबूत करने और कई वर्षों से ब्रिटेन में निवेश बढ़ाने में असाधारण योगदान दिया है। भारत में ब्रिटेन की उच्चायुक्त लिंडी कैमरून ने चंद्रशेखरन को ‘‘ब्रिटेन का बेहतरीन मित्र और भारत के कॉरपोरेट जगत की एक प्रतिष्ठित हस्ती’’ बताया। यह सम्मान ब्रिटेन के राजा चार्ल्स तृतीय की ओर से कैमरून ने चंद्रशेखरन को प्रदान किया। उच्चायुक्त ने कार्यक्रम में कहा, ‘‘ यह मानद ‘नाइटहुड’ वैश्विक व्यापार पर उनके प्रभाव और ब्रिटेन व भारत के बीच विकास के अवसरों को आगे बढ़ाने में उनके अनेक योगदान का प्रमाण है। ’’
उद्यमशीलता की भावना : कैमरून ने कहा कि चंद्रशेखरन का नेतृत्व उद्यमशीलता की भावना, दूरदृष्टि और आकांक्षा का प्रतीक है, जिसने भारत-ब्रिटेन व्यापार संबंधों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में मदद की है।
ब्रिटेन में निवेश : चंद्रशेखरन ने कहा कि यह सम्मान केवल उनका नहीं है, बल्कि ‘‘टाटा समूह के सभी सहयोगियों का है।’’भविष्य के लिए भी ब्रिटेन के प्रति हमारी प्रतिबद्धता मजबूत और अटूट बनी हुई है। हम ब्रिटेन में निवेश जारी रखेंगे़... जेएलआर (जगुआर लैंड रोवर) को पूर्णतः इलेक्ट्रिक भविष्य की ओर ले जाने, उन्नत विनिर्माण विशेषकर बैटरी प्रौद्योगिकी में, हरित इस्पात उत्पादन में और नवाचार परिवेश को मजबूत करने में...जो भविष्य के उद्योगों को आकार देगा। हमारा संकल्प साझेदारी को और गहरा करना है, निर्माण करना, सेवा करना और ब्रिटेन, भारत और टाटा समूह के बीच साझा समृद्धि का भविष्य निर्मित करना है।