GST कलेक्शन में दमदार उछाल: जून में 13.9% बढ़कर ₹1.95 लाख करोड़ के करीब पहुंचा राजस्व

जून 2026 में जीएसटी से सरकार की तिजोरी भरने लगी, सकल संग्रह 1.94 लाख करोड़ रुपये के पार; रिफंड के बाद शुद्ध राजस्व में भी 11.2% की मजबूती
तमिलनाडु अपवाद रहा। राज्य का जीएसटी संग्रह 2 फीसदी घटकर 9,776 करोड़ रुपये रह गया।
जून में 13.9% बढ़कर ₹1.95 लाख करोड़ के करीब पहुंचा राजस्व, आयात से IGST बना सबसे बड़ा सहारा
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नई दिल्ली : देश में वस्तु एवं सेवा कर (GST) संग्रह जून 2026 में मजबूत बढ़त के साथ लगभग 1.95 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया। वित्त मंत्रालय के मुताबिक, जून में सकल जीएसटी संग्रह 13.9 फीसदी बढ़कर 1,94,812 करोड़ रुपये रहा, जबकि पिछले साल इसी महीने यह 1,71,105 करोड़ रुपये था। रिफंड समायोजित करने के बाद शुद्ध जीएसटी संग्रह 11.2 फीसदी की वृद्धि के साथ 1,62,377 करोड़ रुपये दर्ज किया गया।

तमिलनाडु अपवाद रहा। राज्य का जीएसटी संग्रह 2 फीसदी घटकर 9,776 करोड़ रुपये रह गया।
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रिफंड में भी रिकॉर्ड बढ़ोतरी

जून के दौरान करदाताओं को कुल 32,436 करोड़ रुपये का रिफंड जारी किया गया, जो पिछले वर्ष के 25,121 करोड़ रुपये की तुलना में 29.1 फीसदी अधिक है। इससे कारोबारियों को नकदी प्रवाह में राहत मिली है।

आयात से मिलने वाले IGST ने बढ़ाई रफ्तार

जीएसटी के विभिन्न घटकों में सबसे बड़ी बढ़ोतरी आयात पर वसूले गए इंटीग्रेटेड जीएसटी (IGST) में देखने को मिली। आयात से प्राप्त IGST 34.6 फीसदी की तेज वृद्धि के साथ 60,038 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। वहीं, घरेलू लेनदेन से प्राप्त IGST 7 फीसदी बढ़कर 52,282 करोड़ रुपये रहा।

केंद्रीय जीएसटी (CGST) संग्रह 8 फीसदी बढ़कर 37,376 करोड़ रुपये और राज्य जीएसटी (SGST) संग्रह 4 फीसदी की बढ़त के साथ 45,116 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। केवल घरेलू कारोबार से होने वाला सकल जीएसटी संग्रह 6.5 फीसदी बढ़कर 1,34,774 करोड़ रुपये रहा।

महाराष्ट्र सबसे आगे, यूपी ने दर्ज की सबसे तेज बढ़त

राज्यों के प्रदर्शन की बात करें तो महाराष्ट्र 30,714 करोड़ रुपये के संग्रह के साथ सबसे बड़ा योगदानकर्ता बना रहा। राज्य का जीएसटी संग्रह सालाना आधार पर 9 फीसदी बढ़ा।

वहीं, बड़े राज्यों में उत्तर प्रदेश ने सबसे तेज 19 फीसदी की वृद्धि दर्ज करते हुए 9,165 करोड़ रुपये का संग्रह किया। गुजरात का संग्रह 12 फीसदी बढ़कर 11,743 करोड़ रुपये, कर्नाटक का 10 फीसदी बढ़कर 12,937 करोड़ रुपये और हरियाणा का 9 फीसदी बढ़कर 10,065 करोड़ रुपये रहा।

तमिलनाडु रहा अपवाद

जहां अधिकांश बड़े राज्यों में जीएसटी संग्रह में बढ़ोतरी दर्ज की गई, वहीं तमिलनाडु इसका अपवाद रहा। राज्य का जीएसटी संग्रह 2 फीसदी घटकर 9,776 करोड़ रुपये रह गया।

तमिलनाडु अपवाद रहा। राज्य का जीएसटी संग्रह 2 फीसदी घटकर 9,776 करोड़ रुपये रह गया।
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