

कोलकाता: श्री सीमेंट लिमिटेड के चेयरमैन एच एम बांगुर ने कहा कि कंपनी प्रीमियम उत्पादों में हिस्सेदारी बढ़ाने के साथ-साथ क्षमता विस्तार योजना पर भी काम कर रही है। कंपनी का लक्ष्य वित्त वर्ष 2028-29 तक आठ करोड़ टन सालाना क्षमता हासिल करने का है।
प्रीमियम सीमेंट की बढ़ती मांग
उन्होंने कहा कि कंपनी जानबूझकर कम लाभांश वाले खंड से हटकर उच्च लाभांश वाले खंड की ओर बढ़ रही है, क्योंकि समाज अब तेजी से बेहतर और प्रीमियम उत्पादों की मांग कर रहा है। हालांकि उन्होंने प्रीमियम उत्पादों में हिस्सेदारी का कोई निश्चित लक्ष्य बताने से इनकार कर दिया। उनका कहना था कि बाजार में कीमतें बहुत तेजी से बदलती रहती हैं, इसलिए कोई पक्का आंकड़ा देना उचित नहीं होगा।
सस्ता नहीं बेहतर की मांग
उन्होंने साबुन के बाजार का उदाहरण देते हुए कहा कि पहले सस्ते-पारंपरिक साबुन ही चलते थे, मगर आज उपभोक्ता प्रीमियम साबुन को तरजीह दे रहे हैं। ठीक वैसा ही बदलाव अब सीमेंट में भी दिख रहा है। बांगुर ने कहा, 'भारत बदल रहा है... लोग अब सिर्फ सस्ता नहीं, बेहतर उत्पाद चाहते हैं। इसलिए हम भी कंपनी का पूरा ध्यान साधारण सीमेंट से हटाकर प्रीमियम सीमेंट पर केंद्रित कर रहे हैं।'
वित्त वर्ष 2025-26 की जुलाई-सितंबर तिमाही में कंपनी के प्रीमियम उत्पादों का राजस्व में योगदान 15 प्रतिशत से बढ़कर 21.1 प्रतिशत हो गया। इससे प्रति टन प्राप्ति मूल्य पिछले साल के 4,451 रुपये से बढ़कर 4,840 रुपये हो गया।
श्री सीमेंट की क्षमता का तेजी से विस्तार
उन्होंने यह भी कहा कि श्री सीमेंट का क्षमता विस्तार तेजी से हो रहा है। उन्होंने बताया कि कंपनी ने हाल ही में राजस्थान के जैतारण स्थित अपने एकीकृत संयंत्र में 36.5 लाख टन की क्लिंकराइजेशन इकाई चालू की है। इसी स्थान परिसर में 30 टन की सीमेंट मिल तथा कर्नाटक के कोडला में 30 लाख टन का नया एकीकृत संयंत्र इस तिमाही में शुरू हो जाएगा। इसके बाद कंपनी की कुल क्षमता लगभग 6.88 करोड़ टन प्रति वर्ष हो जाएगी।