

मुंबई : कच्चे तेल की वैश्विक कीमतों में तेज उछाल और विदेशी निवेशकों की बिकवाली के दबाव में घरेलू शेयर बाजारों में गिरावट रही। मुख्य रूप से बैंक, वित्तीय एवं वाहन कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट से मानक सूचकांक नुकसान में रहे। बीएसई का सेंसेक्स 416.72 अंक यानी 0.54 प्रतिशत गिरकर 76,886.91 अंक पर बंद हुआ। एक समय यह 562.57 अंक तक लुढ़ककर 76,741.06 तक पहुंच गया था। एनएसई का निफ्टी 97 अंक यानी 0.40 प्रतिशत गिरकर 23,995.70 अंक पर बंद हुआ। वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड करीब 2.97 प्रतिशत उछलकर 111.4 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया, जिससे निवेशकों की धारणा पर नकारात्मक असर पड़ा।
क्या रही स्थिति : सेंसेक्स के समूह में शामिल कंपनियों में से एक्सिस बैंक, एचसीएल टेक, इंटरग्लोब एविएशन, मारुति सुजुकी, भारतीय स्टेट बैंक और आईसीआईसीआई बैंक के शेयर गिरावट के साथ बंद हुए। इसके विपरीत, रिलायंस इंडस्ट्रीज, भारती एयरटेल, टेक महिंद्रा और सन फार्मा के शेयरों में बढ़त दर्ज की गई। बीएसई पर सूचीबद्ध कुल 2,257 कंपनियों के शेयर गिरकर बंद हुए जबकि 1,998 कंपनियों में तेजी रही और 172 अन्य अपरिवर्तित रहे। बीएसई स्मालकैप सूचकांक 0.42 प्रतिशत की बढ़त पर रहा जबकि मिडकैप सूचकांक 0.27 प्रतिशत की गिरावट में रहा। क्षेत्रवार सूचकांकों में पीएसयू बैंक खंड में सर्वाधिक 2.20 प्रतिशत की सुस्ती रही जबकि बैंकेक्स 1.61 प्रतिशत गिर गया। निजी बैंकों के खंड में 1.23 प्रतिशत और वाहन खंड में 0.98 प्रतिशत की गिरावट रही।
क्या कहते हैं विशेषज्ञ : मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख (संपत्ति प्रबंधन) सिद्धार्थ खेमका ने कहा, आरबीआई ने बैंकों के लिए ‘प्रत्याशित ऋण ह्रास’ (ईसीएल) ढांचे को अप्रैल 2027 से लागू करने को अंतिम रूप दे दिया है। इस बदलाव के कारण निकट अवधि में बैंकों की वित्तीय प्रावधान की जरूरत बढ़ सकती है और मुनाफा भी दबाव में आ सकता है। कच्चे तेल की कीमतों का 110 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर जाना, रुपये का 94.5 के ऊपर चले जाना और एफआईआई की लगातार निकासी से भारतीय बाजार पर दबाव बना हुआ है।