

मुंबई : रुपया 28 पैसे चढ़कर डॉलर के मुकाबले 92.90 पर बंद हुआ। भारतीय रिजर्व बैंक के सट्टेबाजी पर अंकुश लगाने और रुपये में अस्थिरता को कम करने के लिए उठाए गए कदमों से घरेलू मुद्रा संभली है।हालांकि विदेशी पूंजी की निरंतर निकासी, मजबूत डॉलर और अस्थिर भू-राजनीतिक स्थिति के बीच कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों से रुपये पर अब भी दबाव कायम है। रिजर्व बैंक ने सट्टेबाज़ी वाली स्थितियों पर अंकुश लगाने के लिए अपने नियमों को सख़्त किया और बैंकों की ‘नेट ओपन पोज़िशन’ की सीमा 10 करोड़ डॉलर तय कर दी है। विदेशी मुद्रा कारोबारियों के अनुसार, डॉलर के मुकाबले रुपये में अल्पावधि में मजबूती देखने को मिल सकती है।
क्या रही स्थिति : अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया, अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 93.13 पर खुला और कारोबार के दौरान तेजी से चढ़कर 92.79 के उच्च स्तर पर पहुंचा। अंत में रुपया 92.90 प्रति डॉलर पर बंद हुआ जो पिछले बंद भाव से 28 पैसे अधिक है। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के कड़े कदमों के बाद रुपये में बृहस्पतिवार को कई साल की एक दिन की सबसे बड़ी तेजी दर्ज की गई और यह अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले 152 पैसे मजबूत होकर 93.18 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था। ‘गुड फ्राइडे’ के मौके पर शुक्रवार को मुद्रा व शेयर बाजार बंद थे।
डॉलर सूचकांक : इस बीच, दुनिया की छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की स्थिति को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.15 प्रतिशत की गिरावट के साथ 99.87 पर रहा।
ब्रेंट क्रूड : अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड का भाव 1.61 प्रतिशत की गिरावट के साथ 107.29 डॉलर प्रति बैरल रहा। निवेशक अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने की समय सीमा पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।