

मुंबई : ब्रेंट क्रूड और अमेरिकी डॉलर सूचकांक के अपने ऊपरी स्तर से नीचे आने से अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया शुरुआती गिरावट से उबरते हुए 27 पैसे की बढ़त के साथ 94.22 प्रति डॉलर पर बंद हुआ। अमेरिका और ईरान के बीच शांति की उम्मीदों से ब्रेंट क्रूड की कीमतें 100 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल से नीचे आ गई हैं। हालांकि विदेशी पूंजी की निरंतर निकासी और आयातकों की सुरक्षित निवेश के रूप में डॉलर की मांग जैसे कारकों ने रुपये के मूल्य में तेज वृद्धि पर अंकुश लगाया। हालांकि, विदेशी पूंजी की सतत निकासी और आयातकों की ओर से निवेश के 'सुरक्षित पनाहगाह' माने जा रहे डॉलर की मांग जैसे कारकों ने रुपये में तेज बढ़त को सीमित कर दिया।
क्या रही स्थिति : अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया अत्यधिक अस्थिर रहा। यह अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 94.77 पर खुला। कारोबार के दौरान 94.90 के निचले और 94.08 के उच्च स्तर तक पहुंचा। कारोबार के अंत में रुपया 94.22 प्रति डॉलर पर बंद हुआ जो पिछले बंद भाव से 27 पैसे की वृद्धि है। बुधवार को रुपया 69 पैसे मजबूत होकर 94.49 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था।
मजबूत होने की उम्मीद : मिराए एसेट शेयरखान के शोध विश्लेषक अनुज चौधरी ने कहा, अमेरिका एवं ईरान के बीच तनाव कम होने और वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में नरमी आने से वैश्विक जोखिम संबंधी धारणा सुधरने से रुपये के मजबूत होने की उम्मीद है। अमेरिकी डॉलर में गिरावट भी रुपये को समर्थन दे सकती है। हालांकि आयातकों की डॉलर मांग और विदेशी निवेशकों की पूंजी निकासी से तेज बढ़त सीमित हो सकती है। डॉलर के मुकाबले रुपये के हाजिर भाव के 93.80 से 94.40 के बीच रहने के आसार हैं।
डॉलर सूचकांक : छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की स्थिति को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.16 प्रतिशत की गिरावट के साथ 97.86 पर रहा।
ब्रेंट क्रूड : अंतरराष्ट्रीय तेल मानक ब्रेंट क्रूड का भाव 2.23 प्रतिशत गिरावट के साथ 99.01 डॉलर प्रति बैरल रहा।