ऊर्जा की बढ़ती लागत से बढ़ रहा है परिचालन खर्च

इजराइल और ईरान के बीच जारी सैन्य तनाव के कारण औद्योगिक गैसों की आपूर्ति प्रभावित हुई है
औद्योगिक गैस
औद्योगिक गैस
Published on

नयी दिल्ली : पश्चिम एशिया संकट के बीच बढ़ती वैश्विक ऊर्जा लागत को लेकर चिंता जताते हुए देश के स्टेनलेस स्टील उद्योग ने कहा है कि इससे उनके उत्पादन और परिचालन लागत पर असर पड़ रहा है। इंडियन स्टेनलेस स्टील डेवलपमेंट एसोसिएशन (आईएसएसडीए) के अध्यक्ष राजामणि कृष्णमूर्ति ने कहा कि फारस की खाड़ी में अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच जारी सैन्य तनाव के कारण प्रोपेन/एलपीजी और एलएनजी जैसी महत्वपूर्ण औद्योगिक गैसों की आपूर्ति प्रभावित हुई है। उन्होंने पश्चिम एशिया संकट के भारतीय स्टेनलेस स्टील क्षेत्र पर पड़ने वाले प्रभाव के बारे में पूछे गए एक सवाल पर कहा कि भू-राजनीतिक अनिश्चितताएं आमतौर पर वैश्विक ऊर्जा बाजारों, माल ढुलाई लागत और व्यापार प्रवाह को प्रभावित करती हैं।

निर्यात पर असर पड़ा : कृष्णमूर्ति ने कहा, स्टेनलेस स्टील बनाने में बहुत ऊर्जा लगती है और यह वैश्विक कच्चे माल की आपूर्ति श्रृंखलाओं से जुड़ा हुआ है, अगर हालात लंबे समय तक अस्थिर रहे, तो लागत बढ़ सकती है और माल की आपूर्ति ठीक से नहीं हो पाएगी। उन्होंने कहा कि वैश्विक ऊर्जा कीमतों में होने वाले उतार-चढ़ाव अप्रत्यक्ष रूप से उत्पादन अर्थशास्त्र, माल ढुलाई दरों और समग्र परिचालन लागत को प्रभावित कर सकते हैं। आईएसएसडीए के प्रमुख ने यह भी कहा कि फारस की खाड़ी में मौजूदा स्थिति के कारण भारत से पश्चिम एशिया में स्टेनलेस स्टील के निर्यात पर असर पड़ा है।

संयंत्रों के परिचालन को बुरी तरह प्रभावित किया : जिंदल स्टेनलेस ने शुक्रवार को कहा कि औद्योगिक गैस की आपूर्ति में कमी ने हरियाणा और ओडिशा में स्थित उसके संयंत्रों के परिचालन को बुरी तरह प्रभावित किया है। कंपनी के प्रबंध निदेशक अभ्युदय जिंदल ने कहा, ‘‘स्टेनलेस स्टील निर्माण की प्रोपेन/एलपीजी और प्राकृतिक गैस जैसी औद्योगिक गैस पर अत्यधिक निर्भरता के कारण, हमारे संयंत्रों में कई प्रक्रियाएं बुरी तरह प्रभावित हुई हैं।’

संबंधित समाचार

No stories found.

कोलकाता सिटी

No stories found.

खेल

No stories found.
logo
Sanmarg Hindi daily
sanmarg.in