भंडार गृह और शीत गृह शृंखला के लिए तय होंगे रेटिंग मानक, साथ काम कर रही ADB-DPIIT

इससे उन्हें आसानी से और सस्ते में ऋण मिलने में भी मदद मिलेगी।
भंडार गृह और शीत गृह शृंखला के लिए तय होंगे रेटिंग मानक, साथ काम कर रही एडीबी-डीपीआईआईटी
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नई दिल्ली : उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) एशियाई विकास बैंक (एडीबी) के साथ मिलकर भंडारगृह और शीत गृह शृंखला के लिए श्रेणीकरण (ग्रेडिंग) और मानकों के निर्धारण (रेटिंग मानक) बनाने पर काम कर रहा है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

डीपीआईआईटी में संयुक्त सचिव, पंकज कुमार ने यह भी कहा कि वे एमएमएलपी (मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक पार्क) के लिए दिशानिर्देश बनाने पर काम कर रहे हैं।

ये पहल देश के लॉजिस्टिक क्षेत्र को आधुनिक बनाने, विदेशी निवेश को आकर्षित करने और खाद्य पदार्थो की बर्बादी को कम करने में मदद कर सकती है। इससे उन्हें आसानी से और सस्ते में ऋण मिलने में भी मदद मिलेगी।

कुमार ने फिक्की के लॉजिस्टिक, भंडारगृह और शीतगृह शृंखला सम्मेलन 2026 में कहा, ‘‘हम एशियाई विकास बैंक (एडीबी) के साथ मिलकर भंडारगृह और शीतगृह शृंखला ग्रेडिंग और रेटिंग मानक बेंचमार्क बनाने पर काम कर रहे हैं... हम एमएमएलपी दिशानिर्देश पर काम कर रहे हैं, जिसमें हमें शीतगृह शृंखला और भंडारगृह में मूल्यवर्धन के लिए कई विचार प्राप्त हुए हैं।’

उन्होंने कहा कि विभाग, राज्यों के साथ मिलकर काम कर रहा है ताकि भंडारगृह और शीतगृह शृंखला को उनकी राज्य लॉजिस्टिक नीति का हिस्सा बनाया जा सके।

कुमार ने आगे कहा, ‘हम राज्य सरकारों के साथ मिलकर शहर के लिए लॉजिस्टिक योजना तैयार करने पर भी काम कर रहे हैं। शहर में लॉजिस्टिक की योजना कैसी हो, जिसमें शहर के अंदर और आसपास भंडारगृह, डार्क स्टोर और शीतगृह शृंखला शामिल हों और उनकी योजना कैसे की जाए।’

देश में भंडारगृह और शीतगृह शृंखला के महत्व पर जोर देते हुए कुमार ने कहा कि ये लॉजिस्टिक बुनियादी ढांचे और सेवाओं के मुख्य केंद्र (नर्व सेंटर) हैं, क्योंकि ये मजबूत आपूर्ति शृंखला को आधार देते हैं।

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