

नयी दिल्ली : केंद्रीय भविष्य निधि आयुक्त रमेश कृष्णमूर्ति ने कहा कि EPFO जल्द ही अंतिम भविष्य निधि निकासी दावों के निपटान की प्रक्रिया को स्वचालित करेगा। इससे आवेदक के बैंक खातों में पैसे के ट्रांसफर में तेजी आएगी। वर्तमान में, पांच लाख रुपये तक की आंशिक या अग्रिम निकासी दावों का निपटान स्वचालित रूप से किया जाता है।
समयसीमा : स्वचालित निपटान के लिए समयसीमा दावा दाखिल करने की तिथि से तीन दिन है। उद्योग मंडल एसोचैम के नए श्रम संहिता पर आयोजित एक कार्यक्रम में कृष्णमूर्ति ने कहा, हम फिलहाल जहां तक संभव हो, स्वचालित निपटान शुरू करने जा रहे हैं...। यह अबतक केवल अग्रिम निकासी के लिए उपलब्ध था। अब हम अंतिम निकासी के लिए भी स्वचालित निपटान शुरू कर रहे हैं।
स्वतः ट्रांसफर : यदि कोई सदस्य नियोक्ता बदलता है, तो ईपीएफओ भविष्य निधि खातों के स्वचालित निपटान और स्वचालित अंतरण की सुविधा भी शुरू कर रहा है। अब आपको कोई फॉर्म भरने की जरूरत नहीं है। हम आपके खातों को आपके नये सदस्य खाते में स्वतः ट्रांसफर करने का प्रयास करेंगे।
नई श्रम संहिताएं अधिसूचित : चारों श्रम संहिताओं को पूर्णतः कार्यान्वित करने और उनके अंतर्गत नियम प्रकाशित करने के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि परिभाषाओं और अन्य शब्दों को सरल बनाने, संहिताबद्ध करने और मानकीकृत करने के लिए भरसक प्रयास किए गए हैं। सरकार ने आठ मई को चारों नई श्रम संहिताओं को अधिसूचित कर दिया है। कृष्णमूर्ति ने कहा कि ईपीएफओ से संबंधित अगली अधिसूचनाएं शीघ्र ही प्रकाशित की जाएंगी। नए कानूनी ढांचे के तहत, तीन योजनाएं ... ईपीएफ योजना 1952, कर्मचारी जमा संबद्ध बीमा योजना 1976 और कर्मचारी पेंशन योजना 1995... भी पुनः अधिसूचित की जाएंगी।