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मुंबई : भारत में क्रेडिट कार्ड उपयोगकर्ताओं की संख्या और लेनदेन में लगातार बढ़ोतरी हो रही है, लेकिन इसके बावजूद विकसित और कई विकासशील देशों की तुलना में देश में क्रेडिट कार्ड की पहुंच अब भी काफी सीमित है। ट्रांसयूनियन सिबिल के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी भवेश जैन ने बुधवार को यह जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि ऋण चूक (डिलिंक्वेंसी) में कमी और पोर्टफोलियो की बेहतर गुणवत्ता जैसे सकारात्मक संकेत मिलने के बावजूद क्रेडिट कार्ड का प्रसार अपेक्षित स्तर तक नहीं पहुंच पाया है। वर्तमान में देश में लगभग 5.2 करोड़ लोगों के पास क्रेडिट कार्ड हैं, जबकि सक्रिय ऋण ग्राहकों की कुल संख्या करीब 25 करोड़ है। यानी केवल लगभग 25 प्रतिशत ऋण ग्राहक ही क्रेडिट कार्ड का उपयोग कर रहे हैं।
सिबिल की ओर से जारी श्वेतपत्र के अनुसार, यह अनुपात कई देशों से काफी कम है। हांगकांग में 98 प्रतिशत, अमेरिका में 81 प्रतिशत, ब्रिटेन में 70 प्रतिशत और कोलंबिया में 62 प्रतिशत ऋण ग्राहकों के पास क्रेडिट कार्ड हैं।
भवेश जैन ने बताया कि पहले क्रेडिट कार्ड उपभोग आधारित असुरक्षित ऋण का प्रमुख माध्यम हुआ करते थे, लेकिन अब यूपीआई, व्यक्तिगत ऋण (पर्सनल लोन) और अन्य डिजिटल वित्तीय विकल्पों के बढ़ते उपयोग से इसकी हिस्सेदारी घट रही है। नए क्रेडिट ग्राहकों में पहली बार औपचारिक ऋण प्रणाली से जुड़ने वाले लोगों का अनुपात भी घटकर आठ प्रतिशत रह गया है, जबकि एक वर्ष पहले यह 26 प्रतिशत था।
पिछले दस वर्षों में क्रेडिट कार्ड कारोबार में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। इस अवधि में बकाया राशि 8.3 गुना बढ़कर 3.1 लाख करोड़ रुपये हो गई, जबकि कार्डधारकों की संख्या 3.6 गुना बढ़कर 5.2 करोड़ और जारी किए गए कुल क्रेडिट कार्ड 5.1 गुना बढ़कर 10.7 करोड़ तक पहुंच गए।
रिपोर्ट के मुताबिक, तीन या उससे अधिक क्रेडिट कार्ड रखने वाले ग्राहकों का अनुपात भी पिछले एक दशक में 12 प्रतिशत से बढ़कर 22 प्रतिशत हो गया है। हालांकि, कुल उपभोक्ता ऋण में सक्रिय क्रेडिट कार्ड की हिस्सेदारी 56 प्रतिशत से घटकर 38 प्रतिशत रह गई है।
जैन ने कहा कि युवा वर्ग में क्रेडिट कार्ड की लोकप्रियता अधिक है। साथ ही अब इसका उपयोग केवल महानगरों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि अर्द्ध-शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में भी तेजी से बढ़ रहा है।
सिबिल की रिपोर्ट के अनुसार, कोविड-19 महामारी के दौरान आई चुनौतियों के बाद अब क्रेडिट कार्ड पोर्टफोलियो की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। मार्च 2026 को समाप्त वित्त वर्ष में 91 से 179 दिनों तक बकाया रहने वाले क्रेडिट कार्ड ऋण का अनुपात घटकर 1.7 प्रतिशत रह गया, जो एक वर्ष पहले दो प्रतिशत था। इससे संकेत मिलता है कि उपभोक्ताओं की भुगतान क्षमता और ऋण अनुशासन दोनों में सुधार आया है।