
-->

मुंबई : टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स (TMPV) ने अगले पांच वर्षों के लिए आक्रामक विस्तार योजना का ऐलान किया है। कंपनी ने वित्त वर्ष 2029-30 तक सालाना 12 लाख (1.2 मिलियन) से अधिक कारों की बिक्री, घरेलू यात्री वाहन बाजार में 20% हिस्सेदारी और 1.4 लाख करोड़ रुपये के राजस्व का लक्ष्य तय किया है।
कंपनी इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए अगले पांच वर्षों में करीब 40,000 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। यह निवेश नए उत्पादों के विकास, विनिर्माण क्षमता बढ़ाने, इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) और तकनीकी नवाचार पर केंद्रित होगा।
टाटा मोटर्स के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने 81वीं वार्षिक आम बैठक (AGM) में कहा कि वित्त वर्ष 2019-20 से 2029-30 के बीच कंपनी अपनी बिक्री में दस गुना वृद्धि का लक्ष्य लेकर चल रही है। फिलहाल कंपनी की बाजार हिस्सेदारी 14.2 प्रतिशत है, जिसे अगले कुछ वर्षों में उल्लेखनीय रूप से बढ़ाने की योजना है। कहा कि कंपनी का उद्देश्य है कि 2030 तक भारत में बिकने वाली हर पांच में से एक कार टाटा मोटर्स की हो।
इसके लिए कंपनी अपने उत्पाद पोर्टफोलियो का विस्तार करने के साथ-साथ कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और डिजिटल तकनीकों में बड़े निवेश कर रही है। टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स और जगुआर लैंड रोवर (JLR) के बीच तकनीक, विनिर्माण और मानव संसाधनों के स्तर पर सहयोग भी लगातार मजबूत किया जा रहा है।
कंपनी अपनी उत्पादन क्षमता को भी मौजूदा लगभग 9 लाख वाहनों से बढ़ाकर 13 लाख वाहन प्रतिवर्ष करने की योजना पर काम कर रही है। साथ ही, पैसेंजर व्हीकल कारोबार में 10% EBITDA मार्जिन और 5% से अधिक EBIT मार्जिन हासिल करने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे लाभप्रदता में भी उल्लेखनीय सुधार हो सके।
तमिलनाडु के रानीपेट स्थित नए संयंत्र में परिचालन शुरू हो चुका है, जहां भविष्य में इलेक्ट्रिक वाहनों सहित अगली पीढ़ी के मॉडल तैयार किए जाएंगे। कंपनी का मानना है कि इलेक्ट्रिक मोबिलिटी भविष्य का सबसे बड़ा अवसर है और इसी दिशा में वह अपनी रणनीति को आगे बढ़ा रही है।
चंद्रशेखरन ने कहा कि वैश्विक चुनौतियों और जेएलआर में साइबर हमले से उत्पादन प्रभावित होने के बावजूद भारत में कंपनी का प्रदर्शन मजबूत रहा है। नए मॉडलों की सफलता और इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती मांग कंपनी की भविष्य की विकास यात्रा को गति देगी।