2026-27 में 7% रह सकती है भारत की GDP

भारत के आर्थिक दृष्टिकोण के लिए अच्छे संकेत हैं।
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नयी दिल्ली : भारत की आर्थिक वृद्धि दर के चालू वित्त वर्ष में 7.4 प्रतिशत और वित्त वर्ष 2026-27 में सात प्रतिशत रहने का अनुमान है। फिच ग्रुप की कंपनी बीएमआई ने एक रिपोर्ट में यह कहा। इसमें कहा गया कि मौद्रिक और नियामक उपायों से वित्त वर्ष 2026-27 में निवेश एवं उपभोग को प्रोत्साहन मिलना चाहिए। चालू वित्त वर्ष 2025-26 के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के मजबूत अग्रिम अनुमान, पिछले दो महीनों के दौरान अमेरिका को निर्यात होने वाले माल में वृद्धि और अनुकूल नीतिगत माहौल.. भारत के आर्थिक दृष्टिकोण के लिए अच्छे संकेत हैं।

क्या रही स्थिति : भारतीय अर्थव्यवस्था वित्त वर्ष 2024-25 में 6.5 प्रतिशत की दर से बढ़ी थी। बीएमआई ने 2025-26 के लिए सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के अनुमान को संशोधित करते हुए इसे 7.4 प्रतिशत कर दिया है, जो पहले 7.2 प्रतिशत अनुमानित था। वित्त वर्ष 2026-27 में GDP के सात प्रतिशत की दर से बढ़ने के आसार हैं जो पहले अनुमानित 6.6 प्रतिशत से अधिक है। रिपोर्ट के अनुसार, अक्टूबर-दिसंबर तिमाही की मजबूत नींव पहले ही रखी जा चुकी है। वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर) में अर्थव्यवस्था में सालाना आधार पर नौ प्रतिशत से अधिक की वृद्धि होगी। भारतीय अर्थव्यवस्था में पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में 7.8 प्रतिशत और दूसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर) में 8.2 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि दर्ज की गई।

कर का बोझ कम हुआ : माल एवं सेवा कर (जीएसटी) और व्यक्तिगत आयकर प्रणालियों में 2025 में किए गए सुधारों से परिवारों पर कर का बोझ कम हुआ है। भारतीय रिजर्व बैंक ने पिछले वर्ष अपनी नीतिगत ब्याज दर में कुल 1.25 प्रतिशत की कटौती की। अंततः, सरकार ने नए श्रम संहिता लागू करने और स्थानीय बीमा कंपनियों में 100 प्रतिशत विदेशी स्वामित्व की अनुमति देने पर जोर दिया है। जोखिम संतुलित हैं और यह इस बात पर निर्भर करता है कि क्या भविष्य में भारत-अमेरिका के बीच कोई ऐसा व्यापार समझौता होता है जिससे अमेरिका को निर्यात किए जाने वाले उत्पादों पर शुल्क में उल्लेखनीय कमी आए।

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