पश्चिम एशिया में शुरू हुए संघर्ष के बाद से शेयर बाजार में निवेशकों को कितना हुआ नुकसान

वैश्विक बाजारों पर युद्ध के व्यापक प्रभाव के कारण निवेशक जोखिम लेने से बच रहे हैं
Indian Share Market Crash
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मुंबई : पश्चिम एशिया में फरवरी से शुरू हुए संघर्ष के बाद से शेयर बाजार में निवेशकों को भारी नुकसान हुआ है। इस दौरान मानक सूचकांक बीएसई सेंसेक्स 11 प्रतिशत से अधिक लुढ़क गया। कच्चे तेल की कीमतों और वैश्विक बाजारों पर युद्ध के व्यापक प्रभाव के कारण निवेशक जोखिम लेने से बच रहे हैं।विदेशी संस्थागत निवेशकों की बाजार से पूंजी निकासी से भी झटका लगा है।पश्चिम एशिया में 28 फरवरी से संघर्ष शुरू होने के बाद से बीएसई सेंसेक्स 9,339.64 अंक यानी 11.48 प्रतिशत लुढ़क गया है।

बाजार पूंजीकरण : शेयर बाजार में आई इस भारी गिरावट के चलते, बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का बाजार पूंजीकरण इस दौरान 51,09,498.82 करोड़ रुपये घटकर 4,12,41,172.45 करोड़ रुपये (4,360 अरब डॉलर) पर रहा।

जोखिम से बचने का माहौल : एनरिच मनी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) पोनमुडी आर ने कहा, ‘‘मौजूदा नरमी का कारण दुनिया में बढ़ी अनिश्चितता है, न कि बुनियादी कारण। कच्चे तेल की ऊंची कीमतें, पश्चिम एशिया में संघर्ष और विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली ने जोखिम से बचने का माहौल बना दिया है।’’

बीएसई सेंसेक्स : बीएसई सेंसेक्स अबतक के सबसे उच्चतम स्तर 86,159.02 अंक से 14,211.47 अंक यानी 16.49 प्रतिशत नीचे आ गया है।

ब्रेंट क्रूड : वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 4.15 प्रतिशत बढ़कर 117.46 डॉलर प्रति बैरल हो गया।

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